रायबरेली या वायनाड, किस सीट से रहेंगे राहुल गांधी सांसद? फैसला हो चुका है! 17 को हो सकता है ऐलान
राहुल गांधी ने इस लोकसभा चुनाव में रायबरेली और वायनाड दोनों ही सीटों से जीत दर्ज की है। नियमानुसार कोई भी व्यक्ति एक ही संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर सकता है। लिहाजा राहुल गांधी को दो में से एक सीट छोड़नी होगी।
ऐसे में राहुल गांधी केरल की वायनाड सीट को चुनेंगे या फिर यूपी रायबरेली की सीट को चुनेंगे, इसका फैसला सोमवार को हो जाएगा। सूत्रों की मानें तो सोमवार को राहुल गांधी इसपर अपना अंतिम फैसला ले लेंगे।

वायनाड से राहुल गांधी मौजूदा सांसद हैं, हाल ही में हुए चुनाव में भी राहुल ने यहां जबरदस्त बहुमत हासिल किया। इसके साथ ही रायबरेली जोकि गांधी परिवार की पारंपरिक सीट है, वहां से इस बार राहुल गांधी ने चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।
पिछले चुनाव में सोनिया गांधी ने यहां से जीत दर्ज की थी। लेकिन इस बार सोनिया गांधी ने लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा, वो राज्यसभा सदस्य बनी हैं। उन्होंने रायबरेली सीट राहुल गांधी के लिए छोड़ दी।
वायनाड मे लोगों का शुक्रिया अदा करने पहुंचे
इससे पहले राहुल गांधी बुधवार को अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड पहुंचे और यहां लोगों का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि वह दुविधा में थे कि किस सीट को छोड़े और किसे अपने पास रखें। राहुल ने कहा कि मैं जो भी फैसला लूंगा, सभी उससे खुश होंगे।
माना जा रहा है कि वायनाड सीट से इस्तीफे से पहले राहुल गांधी यहां के लोगों का शुक्रिया अदा करने के लिए पहुंचे थे।
कांग्रेस सांसद ने साफ की स्थिति
राहुल के इस बयान के बाद कयास लगने लगे हैं कि राहुल गांधी को केरल की वायनाड सीट से मैदान में उतारा जा सकता है। बुधवार को कलपेट्टा में एक जनसभा के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और कन्नूर से कांग्रेस सांसद के सुधाकरण ने कहा कि राहुल गांधी पार्टी के बड़े हित के लिए वायनाड की सीट को छोड़ देंगे।
क्या कहा वायनाड के विधायक ने
लेकिन वायनाड के भीतर आने वाले वंदूर विधानसभा सीट से कांग्रेस के विधायक और पूर्व मंत्री एपी अनिल कुमार का कहना है कि हम सभी चाहते हैं कि राहुल गांधी वायनाड सीट से सांसद रहें। बहरहाल रिपोर्ट की मानें तो राहुल गांधी रायबरेली से सांसद रहेंगे क्योंकि यह गांधी परिवार की पारंपरिक सीट है।
खुद सोनिया गांधी ने रायबरेली में चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि मैं आपको अपना बेटा सौंप रही हूं। ऐसे में यह स्पष्ट है कि रायबरेली लोकसभा सीट कांग्रेस पार्टी के लिए काफी अहम है और पार्टी यहां से दोबारा उपचुनाव में नहीं जाना चाहेगी।
पार्टी को पिछले लोकसभा चुनाव में अमेठी की पारंपरिक सीट पर हार मिली थी। लेकिन इस बार गांधी परिवार के करीबी किशोरी लाल शर्मा ने अमेठी में स्मृति ईरानी को हरा दिया।












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