'तुम लोगों ने कंगना के साथ जो किया, हमने आपके साथ वही किया', हिमाचल में पंजाबी NRI पर हमला, हुआ बड़ा विवाद
पंजाब मूल के एक एनआरआई (NRI) कवलजीत सिंह ने शनिवार (15 जून) को आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश के डलहौजी में पार्किंग को लेकर हुए विवाद के बाद कुछ लोगों ने उन पर हमला किया और मारपीट की है। मारपीट के बाद कवलजीत सिंह अमृतसर के एक अस्पताल में भर्ती हैं और इलाज करा रहे हैं।
कवलजीत सिंह का दावा है कि हिमाचल के डलहौजी में उनपर हमला इसलिए किया गया क्योंकि वह एक पंजाबी हैं। हालांकि हिमाचल प्रदेश पुलिस ने इससे इनकार किया और कहा कि यह घटना किसी "अंतरराज्यीय या अंतर-समुदाय विवाद" से जुड़ी नहीं है। लेकिन अब इस पूरे मामले को कांग्रेस सांसद और अकाली नेता ने कंगना रनौत के थप्पड़ कांड़ से जोड़ा है।

आखिर क्यों इस मामले को कंगना रनौत के 'थप्पड़ कांड' से जोड़ा जा रहा है?
NRI कवलजीत सिंह पर हुए हमले वाले मामले पर विवाद होने लगा है। पंजाब के एनआरआई मामलों के मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल, अमृतसर के सांसद गुरजीत सिंह औजला और अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने मामले में हिमाचल प्रदेश सरकार से कार्रवाई की मांग की है।
अमृतसर के सांसद गुरजीत सिंह औजला और अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने यहां तक कहा कि यह हमला हिमाचल प्रदेश के मंडी से भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत से जुड़ी हालिया थप्पड़ कांड से संबंधित है। असल में कंगना रनौत को चंडीगढ़ हवाई अड्डे पर सीआईएसएफ की एक महिला कांस्टेबल ने थप्पड़ मारा था। सीआईएसएफ महिला कांस्टेबल कंगना के किसान आंदोलन के दौरान दिए बयान से नाराज थीं।
कवलजीत सिंह और उनकी स्पेनिश पत्नी 25 साल से स्पेन में रह रहे थे लेकिन हाल ही में पंजाब लौटे हैं। उन्होंने कहा कि वह दो दिन पहले अपनी पत्नी और एक रिश्तेदार के साथ पर्यटन स्थल डलहौजी गए थे।
कवलजीत सिंह ने आरोप लगाया कि पार्किंग के मुद्दे पर बहस के बाद लगभग 100 लोगों के एक समूह ने उन पर हमला किया। उन्होंने मामले में पुलिस की उदासीनता का भी आरोप लगाया। लेकिन हिमाचल प्रदेश के एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ने कवलजीत सिंह के दावों को खारिज कर दिया।
आईजी (उत्तरी रेंज) संतोष पटियाल ने शनिवार (15 जून) को पीटीआई को बताया, "कवलजीत सिंह चंबा जिले के खजियार में आए थे और कुछ महिलाओं के हस्तरेखा पढ़ रहे थे। किसी को यह हरकत बुरी लगी और हाथापाई हो गई। बाद में दोनों पक्षों ने पुलिस के सामने समझौता कर लिया।"
पुलिस अधिकारी ने कहा, "उन्होंने लिखित में दिया था कि वह कोई कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते और चले गए।" संतोष पटियाल ने कहा, "अंतरराज्यीय या अंतर-समुदाय विवाद जैसा कुछ नहीं है और हिमाचल में पर्यटकों का स्वागत है।"
उन्होंने कहा, "गर्मियों के दौरान हर दिन हजारों पर्यटक राज्य में आते हैं और यह सिर्फ एक अलग घटना है, क्योंकि कुछ लोगों को कवलजीत सिंह की हरकतें बुरी लगीं।"
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अमृतसर के सांसद गुरजीत सिंह औजला का दावा- हमलावरों ने लिया कंगना का नाम!
अमृतसर से कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला कवलजीत सिंह का हालचाल जानने अस्पताल पहुंचे थे। सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कहा, ''हमलावरों ने कंगना का नाम लिया और कवलजीत सिंह से कहा कि आपने उसके साथ जो किया, हमने आपके साथ वैसा ही किया है। जो दुर्भाग्यपूर्ण और गलत है।''
गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि वह हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहेंगे। अमृतसर में औजला ने कहा, "एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए और उपद्रवियों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए।"
'कंगना रनौत की वजह से पंजाब के पर्यटकों को निशाना बनाया जा रहा है'
अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने घटना की निंदा की और आरोप लगाया कि कंगना रनौत के बयान के कारण हिमाचल प्रदेश में लोग अब "पंजाब के पर्यटकों को निशाना बना रहे हैं।'' पंजाब के एनआरआई मामलों के मंत्री धालीवाल ने कहा कि वह मामले में कार्रवाई के लिए हिमाचल प्रदेश के सीएम को पत्र लिखेंगे।
कंगना रनौत ने थप्पड़ वाले मामले के बाद क्या बयान दिया था?
कंगना रनौत ने हाल ही में सीआईएसएफ की महिला कांस्टेबल कुलविंदर कौर पर आरोप लगाया था कि मंडी से लोकसभा के लिए चुने जाने के बाद जब वह दिल्ली जा रही थीं, तो उन्होंने चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर उन्हें थप्पड़ मारा था। कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया था और मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी।
कंगना रनौत ने इसके बाद कहा था कि "पंजाब में आतंक और हिंसा बढ़ रही है। इसको कैसे कंट्रोल में किया जाना चाहिए।'' कंगना रनौत ने कहा था, 'मैं सिक्योरिटी चेक के लिए जा रही थी। तभी सीआईएसएफ की महिला कांस्टेबल कुलविंदर कौर ने मेरे चेहरे पर मारा और मुझे गाली देना शुरू कर दिया। मैंने उससे पूछा कि उसने ऐसा क्यों किया। तो उसने कहा, कि वह किसान विरोध का समर्थन करती है।मैं सुरक्षित हूं, लेकिन मेरी चिंता यह है कि पंजाब में आतंकवाद और उग्रवाद बढ़ रहा है... हम इससे कैसे निपटें?''












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