पंजाब आतंकी हमला: चार आतंकी संगठन जिनपर है हमले का शक
नयी दिल्ली (ब्यूरो)। पंजाब में गुरदासपुर जिले के दीनानगर कस्बे में सोमवार को हुए आतंकवादी हमले में नौ लोगों की मौत हो गई, जिनमें पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। इस आतंकी हमले में किस आतंकी संगठन का हाथ है और किसने इस हमले को अंजाम दिया है इसके बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिली है। आईबी के अफसरों ने वनइंडिया से बातचीत में बताया कि आतंकवादी पाकिस्तान से आए मालूम पड़ते हैं जिससे ऐसा लग रहा है कि हमले में आईएसआई का हाथ हो सकता है।
डिफेंस एक्सपर्ट्स के मुताबिक इस हमले को लेकर कई संगठनों पर शक की सुई है। उनका भी मानना है कि ये आतंकी पाकिस्तानी लग रहे हैं जो इंटरनेशनल बॉर्डर के जरिए घुसे और अमरनाथ यात्रा को निशाना बनाने के मकसद से पहले पंजाब में आए होंगे। इनका मकसद पंजाब के रास्ते अमरनाथ यात्रियों तक पहुंचना था। लेकिन ये एक्पोज हो गए। इस वजह से उन्होंने गुरदासपुर में ही अटैक कर दिया।
इनके हमले का पैटर्न बिल्कुल लश्कर-ए-तैयबा जैसा है। जानकारों का कहना है कि 1990 से ही गुरदासपुर आतंकवादियों के रॉडर पर रहा है। जानकारों का कहना है चार आतंकी संगठन हैं जो इस हमले में शामिल हो सकते हैं। तो आईए तस्वीरों में जानते हैं कि इस हमले के पीछे कौन-कौन से आतंकी संगठन हो सकते हैं:

बब्बर खालसा इंटरनेशनल
बब्बर खालसा इंटरनेशनल की पहली यूनिट 1981 में कनाड़ा में बनाई गई थी। इस ग्रुप की स्थापना अलग सिख राज्य बनाने की मांग को लेकर की गई थी जिसका नाम खालिस्तान रखे जाने की मांग थी। बब्बर खालासा इंटरनेशल ने 1985 में सबसे बड़ा आतंकी घटना को अंजाम दिया था। उस वक्त एयर इंडिया 182 लाइट को हवा में उछ़ा दिया गया था जिसमें 329 लोग मारे गये थे। इस आतंकी संगठन ने ही पंजाब के भूतपूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह को जान से मार दिया था।

इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन
इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन (आईएसवाईएफ) ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद सामने आया था। 1984 में यह यूनाइटेड किंगडम में स्थापित हुई थी। इसकी स्थापना सिख नेता संत जरनैल सिंह के भतीजे लखबीर सिंह रोहड़े ने की थी। इस संगठन सीधे तौर लश्कर ए तैयबा से जुड़ा हुआ है।

खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स
रंजीत सिंह नीता खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के प्रमुख हैं। इसकी स्थापना 1980 में हुई थी और यह पंजाब सुरक्षा एजेंसियों के विरुद्ध लड़ाई लड़ते हैं। ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स ने कई आतंकी घटनाओं को अंजाम दिया। इस संगठन में जम्मू के ज्यादातर सिख शामिल हैं। आईबी के मुताबिक इस संगठन का इस्तमाल आईएसआई दिल्ली और जम्मू में घटनाओं को अंजाम देने के लिए करता है।

खालिस्तान कमांडो फोर्स
खालिस्तान कमांडो फोर्स की स्थापना मनबीर सिंह चाहेरु ने 1986 में की थी। आज यह संगठन को भारत का मोस्ट वाटेंड अपराधी परमजीत सिंह पंजावर चला रहा है।












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