पंजाब में ISI का नेटवर्क! 1 माह में 8 जासूस अरेस्ट, लड़कियां भी शामिल, क्या ‘मदर फील्ड’ बना बॉर्डर स्टेट?
Punjab ISI SPY Network: भारत के ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान में फल-फूल रहे आतंकियों के 9 ठिकाने निस्तोनाबूत कर दिए गए। तभी से ISI बौखला गई है। अब वो जासूसी और प्रोपेगंडा के जरिए भारत को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। लेकिन, पंजाब पुलिस और RAW की सतर्कता ने कई मॉड्यूल को वक्त रहते पकड़ लिया।
पिछले एक महीने में पंजाब से जासूसी के आरोप में 8 संदिग्धों की गिरफ्तारी ने यह साफ कर दिया है कि पड़ोसी मुल्क की साजिशें लगातार तेज हो रही हैं, और पंजाब उसका सबसे आसान और संवेदनशील टारगेट बना हुआ है। सामने आए आंकड़ों से साफ नजर आ रहा है कि पंजाब एक बार फिर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI की रडार पर है। क्या पंजाब बनता जा रहा है ISI का नेटवर्क? आइए जानते हैं विस्तार से...

जासूसी के आरोप में गिरफ्तार संदिग्धों की पूरी लिस्ट:-
- 1. गजाला खातून (मलेरकोटला): ISI हैंडलर से प्रेम जाल में फंसकर भारतीय सेना की जानकारी लीक की। शादी का झांसा, ₹30,000 का UPI पेमेंट और सेना मूवमेंट की जासूसी।
- 2. यामीन मोहम्मद (मलेरकोटला): गजाला का करीबी, पाक दूतावास में भी गया था। पूछताछ में सामने आया कि वो भी जासूसी में शामिल था।
- 3. पलक शेर मसीह (अमृतसर): आर्मी छावनी और एयरबेस की तस्वीरें और जानकारी पाकिस्तान भेजी। डेटा रिकवर किया गया।
- 4. सूरज मसीह (अमृतसर): पलक के साथ ही गिरफ्तार, NDPS केस में भी आरोपी, ISI एजेंट हरप्रीत के जरिए हुआ था भर्ती।
- 5. मोहम्मद मुर्तजा अली (जालंधर): गुजरात पुलिस ने पकड़ा। खुद का मोबाइल ऐप बनाया था कम्युनिकेशन के लिए। पाकिस्तान से निर्देश लेता था।
- 6. सुखप्रीत सिंह (गुरदासपुर): ISI से सीधे संपर्क में, मिलिट्री इंफॉर्मेशन शेयर करता था। गोपनीयता अधिनियम के तहत केस दर्ज।
- 7. करणबीर सिंह (गुरदासपुर): ISI ऑपरेटिव से डायरेक्ट कनेक्शन। सैन्य जानकारियाँ लीक करने का आरोप।
- 8. गगनदीप सिंह उर्फ गगन (तरनतारन): फोन से ISI के 20 एजेंट्स से कनेक्शन का खुलासा। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के मिलिट्री मूवमेंट की रिपोर्ट पाक को भेजी।
क्या कहती है जांच?
जासूसी के बदले UPI पेमेंट, शादी का झांसा, विदेश यात्रा का लालच और सोशल मीडिया हनी ट्रैप - यही ISI की पुरानी रणनीति है। ज़्यादातर गिरफ्तार लोग पंजाब के सीमावर्ती जिलों से हैं - जिससे यह साफ है कि पाकिस्तान अभी भी पंजाब को 'जासूसी की जमीन' के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है। ISI अब सॉफ्ट टारगेट को चुन रही है - महिलाएं, बेरोज़गार युवा, सोशल मीडिया एक्टिव लोग।
क्या कहती है पंजाब पुलिस और खुफिया एजेंसियां?
- पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस विंग और केंद्रीय एजेंसियां अलर्ट पर हैं।
- फोन, सोशल मीडिया चैट, बैंकिंग डिटेल्स, विदेशी ट्रांजैक्शनों की गहन जांच चल रही है।
- सभी केस में गोपनीयता अधिनियम, UAPA और IT एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
पंजाब में ISI की घुसपैठ गंभीर खतरा बन रही है
इस तरह के मामलों से यह साफ होता है कि पाकिस्तान सिर्फ आतंकियों को ही नहीं, बल्कि जासूसी नेटवर्क को भी फंड और समर्थन दे रहा है। पंजाब की सीमाओं को सख्ती से मॉनिटर करने और सोशल मीडिया से जुड़े संदिग्धों पर पैनी निगरानी की जरूरत है।

ISI का नया फॉर्मूला - लोकल एजेंट, सोशल मीडिया के जरिए जासूसी!
पंजाब में ISI अब किसी विदेशी जासूस को नहीं भेजती - वो यहीं के युवाओं को लालच, प्रलोभन या ब्रेनवॉश के जरिए अपना बना रही है। गगन जैसे युवाओं को ISI सोशल मीडिया फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजती है। नकली प्रोफाइल्स से बात करती है (महिला एजेंट्स की शक्ल में)। फिर उन्हें पैसे, सम्मान या विदेश यात्रा के लालच में फंसा लेती है।
जासूसी का मकसद क्या है?
- भारत के सैन्य बेस की जानकारी
- खालिस्तानी नैरेटिव फैलाना
- धार्मिक स्थलों पर अस्थिरता
- सोशल मीडिया पर भारत विरोधी ट्रेंड्स चलवाना
- जरूरत पड़ने पर आतंकी गतिविधियों के लिए 'लोकल मददगार' बनाना
पंजाब बना ISI का 'टेस्टिंग ग्राउंड'?
पंजाब में शांति बनाए रखने की सबसे बड़ी चुनौती यही है - आंतरिक गद्दारी। ISI अब बारूद नहीं, ब्रेनवॉश और डेटा के जरिए भारत को चीरना चाहती है। गोपाल सिंह चावला जैसे चेहरे सिर्फ मोहरे हैं - असली खेल ISI की उन फाइलों में छिपा है, जो अभी खुलनी बाकी हैं...












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