पुलवामा हमला: भारत के लिए नासूर बन गया है कंधार हाइजैक में छूटा आतंकी, जैश सरगना अजहर

पुलवामा। दक्षिण कश्‍मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले ने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। जम्‍मू से श्रीनगर जा रहे सीआरपीएफ जवानों से भरी बस पर आत्‍मघाती हमला हुआ है और 30 जवान शहीद हो गए। इस हमले की जिम्‍मेदारी पाकिस्‍तान स्थित जैश-ए-मोहम्‍मद आतंकी संगठन ने ली है। गुरुवार को जो हमला हुआ है उसमें सीआरपीएफ की बस से विस्‍फोटकों से भरी एक स्‍कॉर्पियो को टकरा गया था। हमला कितना खतरनाक था इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि हमले के लिए 350 किलोग्राम विस्‍फोट का प्रयोग हुआ था। इस हमले के साथ एक बार फिर जैश के कमांडर और आतंकी मौलाना मसूद अजहर का जिक्र छिड़ा है। संसद पर साल 2001 में आतंकी हमले से लेकर, पठानकोट, उरी और अब पुलवामा में हुए हमले के पीछे मौलाना मसूद अजहर का ही हाथ है। साल 1999 में कंधार कांड के बाद जम्‍मू कश्‍मीर की जेल से रिहा, अजहर अब भारत के लिए सिरदर्द बन चुका है।

साल 1999 में जम्‍मू की जेल से हुआ रिहा

साल 1999 में जम्‍मू की जेल से हुआ रिहा

मसूद अजहर वही आतंकी है जिसे वर्ष 1999 में एयर इंडिया की फ्लाइट आईसी814 की हाइजैकिंग के समय भारत ने छोड़ा था। आज वही आतंकी भारत के लिए नासूर बन गया है। लश्‍कर-ए-तैयबा की तर्ज पर अब वह भी कश्‍मीर में आतंकी गतिविधियों को आगे बढ़ाने में लगा हुआ है। किसी को यकीन नहीं होता है कि एक हेडमास्‍टर का बेटा भारत का मोस्‍ट वांटेड आतंकी भी बन सकता है। साल 2016 में हुए पठानकोट आतंकी हमले से पहले इस आतंकी का नाम भारत में पहली बार वर्ष 1994 में सुना गया था। आज भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देना ही जैश का एकमात्र मकसद बन चुका है।

पिता हेडमास्‍टर और बेटा निकला आतंकी

पिता हेडमास्‍टर और बेटा निकला आतंकी

मौलाना मसूद अजहर भारत के टॉप 10 मोस्‍ट वांटेंड क्रिमिनल्‍स की लिस्‍ट में है। वह जैश-ए-मोहम्‍मद का फाउंडर है और यह संगठन पीओके से अपनी गतिविधियों को संचालित करता है। जुलाई 1968 को पाकिस्‍तान केबहावलपुर में अजहर का जन्‍म हुआ और वह अपने माता-पिता की 10वीं संतान है। अजहर के पिता अल्‍लाह बख्‍श शब्‍बीर सरकारी स्‍कूल में हेडमास्‍टर थे। मसूद अजहर के परिवार का बहावलपुर में ही डेयरी और पॉल्‍ट्री का बिजनेस था। स्‍कूल की पढ़ाई के बाद अजहर को कराची के बानूरी के जामिया उलूम-उल-इस्‍लामिया में भेजा गया। यहीं से उसने खुद को हरकत-उल-अंसार की गतिविधियों में सक्रियता बढ़ाना शुरू किया।

साल 1994 में श्रीनगर में हुआ था गिरफ्तार

साल 1994 में श्रीनगर में हुआ था गिरफ्तार

मसूद अजहर ने हरकत-उल-मुजाहिदीन की तरफ सोवियत-अफगान युद्ध में हिस्‍सा लिया और फिर टॉप लीडर बना। मसूद अजहर दुनिया में इस्‍लामिक देश बनाने के मकसद से पैसा जुटाता और आतंकियों की भर्ती करता। अजहर ने सोमालिया के आतंकी संगठनों के लिए फंड इकट्ठा किया और उनके लिए काम किया। वर्ष 1994 में भारत ने श्रीनगर में उसकी गिरफ्तारी कई आतंकी कानून के तहत की। साल 1999 में एयर इंडिया की फ्लाइट को आतंकियों से छुड़ाने के बदले तीन आतंकी छोड़े गए और अजहर उसमें से एक था। पाक सरकार ने मसूद अजहर को देश आने की इजाजत दी क्‍योंकि वहां उसके खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं था। आज, मसूद अजहर पाक में आजाद घूमता है और कई शहरों में खुलेआम रैलियां करता है। वर्ष 2001 से 2002 तक पाक ने उसे हिरासत में रखा लेकिन कोई केस नहीं था इसलिए रिहा कर दिया।

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