पुडुचेरी विधानसभा में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रस्ताव पास
नई दिल्ली। पुडुचेरी विधानसभा ने बुधवार को सिटिजनशिप अमेंडमेंट एक्ट (सीएए) के खिलाफ लाए गए प्रस्ताव को पास कर दिया है। प्रस्ताव में इस कानून को संविधान का विरोधी बताया गया है और केंद्र से अपील की गई है कि वो इसे वापस ले। कई राज्य पहले ही सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पास कर चुके हैं। अब केंद्र शासित पुडुचेरी में भी इसके खिलाफ प्रस्ताव पास हुआ है। सीएए कानून के विरोध में प्रस्ताव पास करने वाला पुडुचेरी पहला केंद्र शासित प्रदेश है।

सरकार की ओर से विधानसभा में सीएएए के खिलाफ प्रस्ताव का भाजपा के सदस्यों ने विरोध किया। प्रस्ताव पर वोटिंग से पहले भारतीय जनता पार्टी के तीन विधायकों ने विधानसभा से वॉकआउट करके विरोध जताया। पुडुचेरी से पहले पश्चिम बंगाल, राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, पंजाब और केरल सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पास कर चुके हैं।
पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने बीते हफ्ते ही सीएए के विरोध में 12 फरवरी को विधानसभा में प्रस्ताव लाने की बात कही थी। नारायणसामी ने सीएए को एक खराब सोच बताया है। साथ ही उन्होंने सीएए, नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजंस (एनसीआर) और नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (एनपीआर) के विरोध में व्यापक स्तर पर हस्ताक्षर अभियान भी चलाया है।
बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून को बीते साल दिसंबर में संसद से मंजूरी मिली है। ये कानून में 31 दिसंबर 2014 तक पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से भारत में आने वाले हिंदुओं, सिखों, जैनियों, पारसियों, बौद्धों और ईसाइयों को नागरिकता प्रदान करता है। इस कानून के आने के बाद लगातार इसका विरोध हो रहा है। देशभर में इसके खिलाफ धरने प्रदर्शन हो रहे हैं। पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी हिंसा भी इसके विरोध में हुई है।












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