'जनता तय करेगी कौन है बेकार', धरणी पोर्टल को लेकर KCR का कांग्रेस पर निशाना
तेलंगाना में विधानसभा चुनाव के लिए जोरदार चुनाव अभियान जारी है। इस बीच राजनीतिक दलों के बीच तीखी बयानबाजी का दौरा जारी है। राज्य के मुख्यमंत्री व बीआर प्रमुख के चंद्रशेखर राव लगातार चुनावी दौरे पर हैं। उनकी कई जनसभाएं निर्धारित हैं। इस हफ्ते बुधवार को सीएम केसीआर ने सिरपुर में कहा कि जब 2014 में तेलंगाना का गठन हुआ था तब पानी, बिजली आपूर्ति, किसानों की आत्महत्या, भूख से मौतें और उद्योगों के बंद होने से संबंधित समस्याएं अधिक थीं। लेकिन बीआरएस इस सममस्या का काफी हद तक समाधान करने में सफल रही है।
बुधवार को बेल्लमपल्ली जाने से पहले उन्होंने सिरपुर और आसिफाबाद में रैलियों को संबोधित किया। सिरपुर में केसीआर ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने धरणी इंटीग्रेटेड लैंड रिकॉर्ड्स मैनेजमेंट सिस्टम को खत्म करने के कांग्रेस के वादे का जिक्र किया। सीएम ने कहा कि अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो रायथु बंधु स्कीम बंद की जा सकती है।

सीएम ने कहा कि बीआरएस ने किसानों की जमीन से संबंधित विवादों को सुलझाने और भूमि पंजीकरण को आसान बनाने के लिए इसे पेश किया था। लेकिन धरणी राजनीतिक दलों के बीच एक प्रमुख राजनीतिक विवाद बन गया है क्योंकि सत्तारूढ़ विधायक कथित तौर पर ऑनलाइन प्रक्रिया का उपयोग करके जमीनें हड़प रहे थे। केसीआर ने सवाल किया कि अगर धरणी को खत्म कर दिया गया तो 'रायथु बंधु' योजना और अन्य पहलों के तहत किसानों को सीधे कैसे फायदा होगा।
बीआरएस प्रमुख ने कहा, "पहले की तरह अब दूषित पानी पीने से मौतें नहीं हो रही हैं। हम आदिवासियों का जीवन सुधार रहे हैं। बच्चे अच्छे से पढ़ाई कर रहे हैं। एमबीबीएस और इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में अधिक सीटें खुल रही हैं।
केसीआर ने पिछले यूपीए शासन के दौरान राज्य के गठन में देरी पर कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए रैली में लोगों से कहा, "आपको तय करना चाहिए कि क्या बेकार है और कौन बेकार है।"












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