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कॉस्ट कटिंग: विदेशों में अपनी एक तिहाई शाखाएं बंद करने जा रहे सरकारी बैंक

By Kamal Kumar
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    नई दिल्ली: सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने अपनी विदेशी शाखाओं को लेकर बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। इन सरकारी बैंकों ने पूंजी बचाने के उद्देश्य से इस साल के अंत तक कुल 216 विदेशी शाखाओं में से करीब 70 को बंद करने का फैसला किया है। ये सरकारी बैंक उन शाखाओं को बंद करने जा रहे हैं जिनसे अधिक लाभ मिलता दिखाई नहीं दे रहा है।

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    37 शाखाएं अभी तक बंद की जा चुकी

    37 शाखाएं अभी तक बंद की जा चुकी

    इस मामले पर बैंक अधिकारियों का कहना है कि पूंजी बचाने के लिए इस साल विदेशों की 37 शाखाएं अभी तक बंद की जा चुकी हैं और इस साल के अंत तक 60 से 70 शाखाओं को भी बंद कर दिया जाएगा। बैंकों ने इसके लिए रेग्युलेटरी अप्रूवल लेना शुरू कर दिया है। सरकारी बैंक कॉस्ट कटिंग और पूंजी बचाने के उद्देश्य से यह कदम उठा रहे हैं।

    स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के 6 ब्रांच बंद

    स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के 6 ब्रांच बंद

    खबरों के अनुसार, जो बैंक विदेशों में अपना कारोबार समेट रहे हैं, उनमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, IDBI बैंक और बैंक ऑफ इंडिया बैंक शामिल हैं। हालांकि अरब देशों में स्थित रेमिटेंस ऑफिस आदि पर इसका प्रभाव नहीं पड़ेगा और केवल घाटे में चल रही शाखाओं को ही बंद किया जाएगा। स्टेट बैंक अपनी 6 विदेशी शाखाओं को बंद कर चुका है और श्रीलंका के साथ-साथ फ्रांस स्थित ब्रांचों को रिप्रेजेंटेटिव ऑफिस में बदलने पर विचार किया जा रहा है।

    सरकारी बैंकों की हालत है खराब

    सरकारी बैंकों की हालत है खराब

    इनमें से कुछ बैंकों ने शंघाई, हॉन्गकांग, दुबई और जेद्दाह के ब्रांचों को बंद कर दिया है। जबकि छोटे-छोटे ब्रांचों का विलय भी किया जा रहा है। बता दें कि भारत सरकार ने पब्लिक सेक्टर के बैंकों की हालत को सुधारने के लिए पिछले साल बैंकों में 2.11 लाख करोड़ रु की पूंजी निवेश करने का ऐलान किया था। इसके अलावा भारत सरकार ने बैंकों से उनके विदेशी कारोबार को व्यवस्थित करने को भी कहा था। रिकॉर्ड घाटे और एनपीए के कारण देश के पब्लिक सेक्टर के बैंकों की हालत खराब है और इस बात को कई बैंकों ने स्वीकार भी किया है।

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    English summary
    public sector banks all set to close their one third branches outside india

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