Rahul Gandhi Popularity: भारत जोड़ो यात्रा का पॉजिटिव असर! ग्राफ में PM मोदी की पोजिशन कहां? Public Opinion
Rahul Gandhi Popularity की स्केल पर भारत जोड़ो यात्रा के कारण पॉजिटिव स्कोर करते दिख रहे हैं। लोकप्रियता के ग्राफ में PM मोदी की पोजिशन कहां है? ये जानने के लिए Public Opinion का सहारा लिया जा रहा है।

Rahul Gandhi Popularity का जिक्र इसलिए क्योंकि चुनावों से पहले या रिजल्ट के बाद भी अक्सर नेताओं की लोकप्रियता पर सर्वे रिपोर्ट्स सामने आती हैं। ऐसी ही रिपोर्ट एनडीटीवी पब्लिक ओपिनियन से सामने आई है। इसका दावा है कि भारत जोड़ो यात्रा के बाद राहुल गांधी की लोकप्रियता बढ़ी है।
नेताओं की लोकप्रियता पर एनडीटीवी के पोल में देश के सबसे पॉपुलर नेशनल लीडर के रूप में पीएम मोदी का नाम सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत जोड़ो यात्रा के बाद कांग्रेस के राहुल गांधी की अनुमोदन रेटिंग में 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
पब्लिक ओपिनियन के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता में कोई बदलाव नहीं हुआ है। लोकनीति-सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ डेवलपिंग सोसाइटीज (सीएसडीएस) के साथ साझेदारी में एनडीटीवी के इस विशे। सर्वेक्षण में 19 राज्यों के हजारों लोगों से राय ली गई।
19 राज्यों में 7,000 से अधिक लोगों के सर्वेक्षण में पाया गया कि प्रधानमंत्री के भाषण का कौशल, विकासात्मक कार्य और व्यक्तित्व के करिश्मे को देखकर 40 प्रतिशत लोग प्रभावित हुए हैं। उनके नेतृत्व में बीजेपी नीत केंद्र सरकार गत नौ साल से सत्ता में है।
पब्लिक ओपिनियन में शामिल 25 फीसदी लोगों ने कहा कि प्रधानमंत्री उन्हें भाषण की कला के लिए पसंद हैं। 20 फीसदी ने कहा कि वे उन्हें उनके विकास कार्यों के लिए पसंद करते हैं, 13 फीसदी ने कहा कि वे कड़ी मेहनत और करिश्मे से आकर्षित होते हैं।
उनकी नीतियों से महज 11 फीसदी लोग सहमत हैं। अगर आज लोकसभा चुनाव हुए तो प्रधानमंत्री कौन होगा, 43 फीसदी लोगों ने पीएम मोदी के तीसरे कार्यकाल का अनुमान लगाया। 27 प्रतिशत लोगों ने कहा कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री बन सकते हैं।
राहुल की लोकप्रियता के कारणों पर 26 प्रतिशत लोगों ने कहा, वे हमेशा राहुल गांधी को पसंद करते हैं, जबकि 15 प्रतिशत ने कहा कि वे कांग्रेस के मेगा आउटरीच कार्यक्रम भारत जोड़ो यात्रा के बाद राहुल को पसंद करने लगे हैं।
16 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे राहुल को पसंद नहीं करते, जबकि 27 प्रतिशत लोगों ने इस संबंध में तटस्थ रहना चुना। 34 प्रतिशत लोग राहुल गांधी को प्रधानमंत्री मोदी के सामने एकमात्र चुनौती के रूप में देखते हैं।
विपक्षी दलों के अन्य नेताओं में अरविंद केजरीवाल और ममता बनर्जी जैसे नाम पब्लिक ओपिनियन में शामिल लोगों की राय में राहुल से बहुत पीछे हैं।दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को चैलेंजर की भूमिका में केवल 11 प्रतिशत लोगों ने वोट किया।
राष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री मोदी को चैलेंज करने की क्षमता रखने वाले नेताओं में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को केवल 4 फीसद वोट मिले। 5 फीसदी लोगों की पसंद उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी बने।
गौरतलब है कि लोकनीति-सीएसडीएस सर्वेक्षण 10 मई से 19 मई के बीच कराया गया। भारत के 19 राज्यों और 71 निर्वाचन क्षेत्रों में फैले 7,202 लोगों से राय ली गई।
इस पब्लिक ओपिनियन में शामिल सर्वेक्षकों का कहना है कि भारत की आबादी के प्रतिनिधियों के क्रॉस सेक्शन को कवर करने की कोशिश की गई है। बता दें कि कर्नाटक चुनाव 2023 में भाजपा की करारी हार को 2024 के चुनाव से पहले का अहम संकेत माना जा रहा है।












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