क्या प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति में टूटी परिपाटी? मोदी सरकार ने दिया कांग्रेस के आरोपों पर जवाब

मोदी सरकार ने 18वीं लोकसभा के प्रोटेम स्पीकर के पद पर सात बार के सांसद भर्तृहरि महताब की नियुक्ति को लेकर परंपरा तोड़ने के कांग्रेस के आरोपों पर जोरदार पलटवार किया है।

केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि सरकार ने नियमों के तहत निर्धारित परंपरा का पालन किया है और 'सिस्टम का उल्लंघन केवल उन लोगों को महसूस होगा, जिन्होंने सिस्टम को पढ़ा नहीं है।'

kiren rijiju on protem speaker

हमनें परंपरा का पालन किया- मोदी सरकार
कांग्रेस का कहना है कि उसके सांसद के सुरेश को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया जाना चाहिए था, क्यों वे आठ बार के सांसद हैं। जबकि, भाजपा सांसद भर्तृहरि महताब सिर्फ सात बार के सांसद हैं। लेकिन, रिजिजू ने बताया है कि कांग्रेस सांसद के कार्यकाल में ब्रेक था।

मुझे कांग्रेस पार्टी पर बहुत शर्म आती है- संसदीय कार्यमंत्री
किरेन रिजिजू ने कहा, 'मुझे बड़े खेद के साथ कहना पड़ेगा कि मुझे बहुत शर्म आती है, जब कांग्रेस पार्टी इस तरह की बातें करती है। पहले तो उन्होंने प्रोटेम स्पीकर को लेकर एक मुद्दा बनाया। प्रोटेम स्पीकर का यह पद बहुत ही अस्थायी होता है, वे नए स्पीकर के चुनाव तक ही अपनी भूमिका निभाते हैं, उन्हें कोई व्यवस्था संबंधी कार्य नहीं करने होते हैं और प्रोटेम स्पीकर का बहुत ही सीमित रोल होता है।'

भर्तृहरि महताब बिना किसी ब्रेक के 7 बार के सांसद हैं- किरेन रिजिजू
रिजिजू ने कहा, 'उन्होंने भर्तृहरि महताब के नाम पर आपत्ति की। भर्तृहरि महताब बिना किसी ब्रेक के लगातार सात बार के सांसद हैं और इस समय वे सबसे पुराने सदस्य हैं।'

कांग्रेस के के सुरेश के कार्यकाल के बीच में ब्रेक हुआ- सरकार
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, 'उन्होंने सुरेश कोडिकुन्निल का नाम लिया। उनका पूरा कार्यकाल 8 है। लेकिन, 2004 और 1998 में उनके कार्यकाल में ब्रेक हुआ....यहां सिस्टम में उल्लंघन सिर्फ उन्हीं को दिखेगा, जिन्होंने सिस्टम और रूल के बारे में नहीं पढ़ा है। हमने इस परंपरा का पालन किया है।'

भाजपा सांसद भर्तृहरि महताब को राष्ट्रपति ने नियुक्त किया प्रोटेम स्पीकर
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को भाजपा सांसद भर्तृहरि महताब को 18वीं लोकसभा का प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया है। इसके साथ ही सुरेश कोडिकुन्निल, टीआर बालू, राधा मोहन सिंह, फग्गन सिंह कुलस्ते और सुदीप बंधोपाध्याय को नव-निर्वाचित सदस्यों के शपथग्रहण में प्रोटेम स्पीकर की सहायता के लिए नियुक्त किया है।

कांग्रेस ने जताई थी भर्तृहरि महताब के नाम पर आपत्ति
जब भर्तृहरि महताब के नाम की घोषणा की गई तो कांग्रेस नेताओं ने यह कहकर सरकार के फैसले पर आपत्ति जताई कि परंपरा के तहत सुरेश कोडिकुन्निल को यह भूमिका मिलनी चाहिए, जो 8 बार के सांसद हैं।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एक्स पर लिखा, 'परिपाटी के मुताबिक, अधिकतम कार्यकाल पूरा करने वाले सांसद को पहले दो दिनों के लिए प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया जाता है, जब सभी नव-निर्वाचित सांसदों को शपथ दिलाई जाती है। 18वीं लोकसभा में सबसे वरिष्ठ सांसद के सुरेश (कांग्रेस) और वीरेंद्र कुमार (बीजेपी) हैं, जो दोनों ही अब अपना आठवां कार्यकाल पूरा कर रहे हैं। बाद वाले केंद्रीय मंत्री हैं, इसलिए उम्मीद थी कि के सुरेश प्रोटेम स्पीकर होंगे। इसके बजाय, सात बार के सांसद भर्तृहरि महताब को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया गया है।'

वहीं, कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने भी एक्स पोस्ट पर लिखा था, 'संसदीय कार्यमंत्री के तौर पर पहली गलती: सबसे वरिष्ठ कांग्रेस के दलित एमपी कोडिकुन्निल सुरेश की जगह सात बार के बीजेपी सांसद भर्तृहरि महताब को प्रोटेम स्पीकर के रूप में चुना गया। मंत्री का इरादा क्या है?' (इनपुट-एएनआई)

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+