लोकसभा चुनाव 2019: जानिए लोकसभा सीट त्रिशूर के बारे में
लोकसभा चुनाव 2019 से पहले हम आपको अलग-अलग राज्यों के अलग-अलग लोकसभा सीटों के बारे में जानकारी दे रहे हैं। इसी क्रम में आज हम बात कर रहे हैं केरल के बेहद खास और लोकप्रिय लोकसभा सीट त्रिशूर के बारे में...केरल के सांस्कृतिक राजधानी के नाम से मशहूर त्रिशूर लोकसभा सीट के बारे में। गॉड्स ओन कंट्री' कहे जाने वाले केरल के त्रिशूर का त्रिशूर महोत्सव दुनियाभर में मशहूर है। यहां के त्रिशूर पुरम' में आतिशबाजी का खेल विश्वभर के लोगों के आकर्षण का केंद्र होता है। 8 दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में आतिशबाजी के साथ-साथ सुसज्जित हाथियों का प्रदर्शन इस उत्सव के विशेष आकर्षण हैं। इस लोकसभा सीट पर CPI का कब्जा है। 2014 के लोकसभा चुनाव में CPI के सीएन जयादेवन ने जीत हासिल की। उन्होंने कांग्रेस से सीपी धनापालन को हराकर जीत हासिल की। त्रिशूर लोकसभा सीट 1951 अस्तित्व में है। इस सीट पर शुरुआत से ही कांग्रेस और CPI के बीच कांटे की टक्कर चलती रही है। कांग्रेस ने 6 बार इस सीट पर जीत हासिल की तो वहीं CPI ने इस सीट पर 10 बार इस सीट पर जीत हासिल की है।

त्रिशूर केरल का सांस्कृतिक केंद्र रहा है। आपको बता दें कि त्रिशूर का शाब्दिक अर्थ थिरू-शिव-पेरुरु है। कुछ लोग थिरू का अर्थ तीन से लगाते हैं, लेकिन इसका अर्थ पवित्रता है। इसे भगवान शिव का राज्य माना जाता है। केरल के बीचोंबीच स्थित यह क्षेत्र अपने सबसे बड़े जलाशय के लिए भी जाना जाता था। जहां मंदिर समूहों थिरूवामबडी और पारामेकावू सैलानियों के आकर्षण का केंद्र रहा है। यहां लोगों के घूमने के लिए कई स्थान है।
वडाकूनाथन, विलांगानकुन्नू सुरम्य पहाड़ी पर स्थित है, जहां शहर और उसके आस-पास का नजारा काफी खूबसूरती नजर आता है। अरातूपुझा में मनाया जाने वाला उत्सव केरल के रंगारंग उत्सवों में से एक है। वहीं पीछी धाम,त्रिशूर से 20 किमी की दूरी पर स्थित इस पिकनिक स्थल है, जहां लोग दूर-दूर से नौकायन करने पहुंचते हैं। वहीं अथिरापल्ली और वजहाचल जलप्रपात की खूबसूरती को लोग एक सांस में निहारते हैं।
यहां के लोगों का मुख्य व्यवसाय पर्यटन उद्योग और कारोबार है। त्रिशूर केरल का बड़ा शॉपिंग सेंटर है। यहां सिल्क और सोने के आभूषणों का बड़ा बाजार है, जहां लोग दूर-दूर से शॉपिंग के लिए पहुंचते हैं। यहां की खूबसूरती लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है, इसलिए यहां के अधिकांश लोग पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हैं।
अब इस लोकसभा सीट के राजनीतिक महत्व पर नजर डालते हैं। इस सीट पर कांग्रेस और CPI का दबदबा रहा है। CPI के सीएन जयादेवन ने जीत हासिल की। 67 साल के जयादेवन की पकड़ इस सीट पर काफी गहरी है। इस सीट पर 1618958 की जनसंख्या है, जिसमें से 23.12 प्रतिशत लोग रूलर एरिया में रह रहे हैं। वहीं 76.88 प्रतिशत लोग अर्बन एरिया में रहते हैं। 9.10 प्रतिशत लोग SC और 0.22 प्रतिशत लोग ST कैटेगरी में आते हैं।
इस सीट पर 1275288 मतदाता है, जिसमें 606518 पुरुष मतदाता और 668770 महिला मतदाता है। अगर 2014 के लोकसभा चुनाव की बात करें तो इस साल 920505 मतदाताओं ने अपने वोटिंग अधिकार का इस्तेमाल किया। इसमें 434202 पुरुष मतदाता शामिल थे तो वहीं 486303 महिला मतदाता शामिल थे।












Click it and Unblock the Notifications