लोकसभा चुनाव 2019- सलेमपुर लोकसभा सीट के बारे में जानिए
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश की सलेमपुर लोकसभा सीट पर इस वक्त भाजपा का कब्जा है, साल 2014 में यहां पर बीजेपी के रविन्द्र कुशवाहा ने भारी मतों से जीतकर ये सीट अपने नाम की थी। सलेमपुर उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में 71वें नंबर की सीट है, इस संसदीय सीट के अंतर्गत यूपी की पांच विधानसभा सीटें आती हैं, जिनके नाम हैं भटपर रानी, सिकंदरपुर, सलेमपुर, बांसडीह और बेल्थारा रोड , जिसमें से सलेमपुर और बेल्थारा रोड अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। सलेमपुर उत्तर प्रदेश की सबसे पुरानी तहसील है, मोहम्मद सलीम के द्वारा बसाया गया यह शहर हमेशा से ही धर्म और राजनीति दोनों की दृष्टि के महत्वपूर्ण रहा है, दीर्घेश्वरनाथ महादेव यहां के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है, जिसकी स्थापना अश्वत्थामा ने की थी।

यहां की आबादी का 15.7% हिस्सा अनुसूचित जाति और 4.2% हिस्सा अनुसूचित जनजाति से ताल्लुक रखता है, यहां की औसत साक्षरता दर 73.43% है जिनमें पुरुषों की साक्षरता दर 72.31% और महिलाओं की साक्षरता दर 53.62% है, सलेमपुर मुख्य रूप से हिन्दू बाहुल्य इलाका है, यहां की आबादी का 86.16% लोग हिन्दू और 13.5 % लोग मुस्लिम धर्म में आस्था रखते हैं।
1952 में हुए पहले आम चुनावों में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के विश्वनाथ रॉय ने यहां से जीत हासिल की थी, 1971 तक कांग्रेस ने लगातार पांच बार सलेमपुर की सीट पर कब्ज़ा किया लेकिन 1977 में भारतीय लोकदल के राम नरेश कुशवाहा ने कांग्रेस का विजय रथ रोका और यहां से पहले गैर-कांग्रेसी सांसद बने, 1989 और 1991 में जनता दल के हरिकेवल प्रसाद ने यहां दो बार जीत दर्ज की, 1996 में समाजवादी पार्टी के हरिवंश सहाय ने जनता दल की लगातार तीसरी जीत के सपनों पर पानी फ़ेर दिया।
1998 में हुए चुनावों में हरिकेवल प्रसाद ने समता पार्टी के टिकट पर जीत सपा से अपनी पिछली हार का बदला ले लिया, 1999 में बब्बन राजभर ने सलेमपुर में बहुजन समाज पार्टी को पहली बार जीत दिलाई, 2004 में सपा और 2009 में बसपा ने इस सीट पर कब्ज़ा किया लेकिन साल 2014 में यहां पर भाजपा का कब्जा हो गया और रविन्द्र कुशवाहा यहां से एमपी बने, कुशवाहा अक्सर अपने विवादित बयान की वजह से सुर्खियों में रहते हैं, कुछ वक्त पहले इन्होंने कहा था कि भारत सदियों से हिन्दू राष्ट्र ही है और आगे भी रहेगा, जिस पर काफी बवाल मचा था, 56 साल के रविंद्र कुशवाहा ने पिछले 5 सालों में लोकसभा में 89 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराई है और 19 डिबेट में हिस्सा लिया है और 86 प्रश्न पूछे हैं, ये रिकार्ड किसी भी लिहाज से अच्छा नहीं कहा जा सकता है। साल 2014 में इस सीट पर बसपा दूसरे, सपा तीसरे और SBSP चौथे नंबर पर रही थी, उस साल यहां 1661737 मतदाताओं ने हिस्सा लिया था, जिसमें पुरुषों की संख्या 54 प्रतिशत और महिलाओं की संख्या 45 प्रतिशत थी।












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