लोकसभा चुनाव 2019: थूथुक्कुडी लोकसभा सीट के बारे में जानिए
नई दिल्ली: तमिलनाडु की थूथुक्कुडी लोकसभा सीट से AIADMK नेता जे. जयसिंह थियागराज नत्तेर्जी (Jeyasingh Thiyagaraj Natterjee) सांसद हैं, जिन्होंने साल 2014 के चुनाव में यहां पर डीएमके नेता जीगन पी (Jegan P)को 124,002 वोटों से हराया था। जे. जयसिंह थियागराज नत्तेर्जी को यहां पर 366, 052 वोट मिले थे ,तो वहीं डीएमके प्रत्याशी को केवल 242, 050 वोटों पर संतोष करना पड़ा था। इस सीट पर नंबर 3 पर MDMK, नंबर 4 पर कांग्रेस और नंबर 5 पर आप थी। MDMK प्रत्याशी को 182, 191 वोट, कांग्रेस प्रत्याशी को 630,80 वोट और आप प्रत्याशी को 264, 76 वोट प्राप्त हुए थे।

थूथुक्कुडी लोकसभा सीट का इतिहास
साल 2008 में परिसीमन के बाद यह लोकसभा सीट अस्तित्व में आई थी, साल 2009 में यहां पर लोकसभा चुनाव हुआ जिसे कि DMK ने जीता था और यहां से एस, आर जियादुराई सांसद (S.R.Jeyadurai)बने थे, साल 2014 का चुनाव यहां पर AIADMK ने जीता और यहां से जे. जयसिंह थियागराज नत्तेर्जी जीतकर लोकसभा पहुंचे। सांसद जे. जयसिंह थियागराज नत्तेर्जी पेशे से वकील हैं और इन्होंने साल 1984 में AIADMK पार्टी से अपना राजनीतिक सफर शुरू किया था। दिसंबर 2018 की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 5 सालों के दौरान लोकसभा में इनकी उपस्थिति 82 प्रतिशत रही है और इस दौरान इन्होंने 21 डिबेट में हिस्सा लिया है और 276 प्रश्न पूछे हैं, इनके अधिकतर प्रश्न क्षेत्र के विकास से ही जुड़े हुए रहे हैं।
थूथुक्कुडी,परिचय-प्रमुख बातें-
थूथुक्कुडी तमिलनाडु के दक्षिण पूर्वी भाग में स्थित है , इस जिले का इतिहास 200 वर्षो से ज्यादा पुराना है इसका पहले नाम 'मुथु कूजहिठुराई' था और इसे तमिलनाडु का समुद्री प्रवेश द्वार भी कहते थे, टॉलेमी ने इसका वर्णन 'कोरकई' नाम से किया था , भारत और रोमन साम्राज्य के अलेक्सांद्रिया से व्यापारिक सम्बन्ध इसी स्थान से होते थे, 16वीं शताब्दी में यहां पर पुर्तगाली लोगों का राज था, 18वीं शताब्दी में यह स्थान अंग्रेजों ने हथिया लिया था, इस यशस्वी इतिहास वाले थूथुक्कुडी की जनसंख्या 17,40,708 है, जिसमें से 48.92% लोग गांवों में और 51.08% लोग शहरों में रहते हैं, यहां पर 19.66% लोग एससी वर्ग के हैं। यहां 78.50 % लोग हिंदू धर्म में, 4.61 % लोग मुस्लिम धर्म में और 16.68 % लोग ईसाई धर्म में यकीन करते हैं।
साल 2014 के चुनाव में इस सीट पर कुल मतदाताओं की संख्या 13,10,597 थी, जिसमें से केवल 9,16,778 लोगों ने अपने मतों का प्रयोग यहां पर किया था, जिसमें पुरुषों की संख्या 4,49,405 और महिलाओं की संख्या 4,67,373 थी। साल 2014 के चुनाव में इस सीट समेत पूरे तमिलनाडु में अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम ने जबरदस्त प्रदर्शन किया था। मुख्यमंत्री जयललिता की अगुवाई में इस पार्टी ने राज्य की 39 सीटों में से 37 सीटों पर फतेह हासिल की थी लेकिन जयललिता के निधन के बाद पार्टी आंतरिक कलह से गुजरी है और उसने बिखराव का दंश झेला है, ऐसे में क्या एक बार फिर से यह पार्टी साल 2014 वाला करिश्मा दोहरा पाएगी, यह एक बड़ा सवाल है, जिसका जवाब जानने के लिए हमें चुनावी नतीजों का इंतजार करना पड़ा होगा , वैसे इसमें कोई शक नहीं कि इस बार इस सीट पर मुकाबला काफी कड़ा होगा, जिसमें सफलता उसी को मिलेगी जिसे जनता का साथ मिलेगा, देखते हैं जनता किसके नाम पर अपना मुहर लगाती है। बताते चलें कि साल 2014 के चुनाव में डीएमके और कांग्रेस का खाता तक नहीं खुला था। राज्य में एनडीए का वोट शेयर 18.5% और एआईएडीएमके का 44.3% शेयर था।












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