लोकसभा चुनाव 2019: कोकराझार लोकसभा सीट के बारे में जानिए

नई दिल्ली। आज हम बात करेंगे असम राज्य की लोकसभा सीट कोकराझार के बारे में, जहां से नब कुमार सरनिया सांसद हैं। 2014 लोकसभा चुनाव में नब कुमार सरनिया निर्दलीय चुनाव लड़े थे और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के तत्कालीन सांसद संसुमा खुंग्गुर को मात देते हुए जीत हासिल की थी। नब कुमार सरनिया इस सीट से पहली बार चुनाव लड़े और जीत हासिल किए। 2014 के चुनाव में नबा कुमार सरनिया को 634,428 वोट मिले थे जो कि कुल वोटों का 51.84 प्रतिशत था। इसके बाद दूसरे नंबर पर भी निर्दलीय उम्मीदवार उरखो ग्वारा ब्रह्मा रहे जिनको 278,649 वोट मिले थे जो कि कुल वोट का 22.77 फीसदी था।

profile of Kokrajhar lok sabha constituency

अब बात करते हैं इस सीट के राजनीकि परिदृश्य के बारे में। इस सीट के लिए पहली बार 1957 में लोकसभा चुनाव हुआ। इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार डी बासुमतारी ने जीत हासिल की थी। बासुमतरी इस सीट से लगातार 4 बार 1957, 1962, 1967 और 1971 में चुनाव लड़े और जीत हासिल की। लेकिन इस सीट पर 1971 में मिली जीत कांग्रेस की आखिरी जीत थी। क्योंकि इसके बाद इस सीट कांग्रेस का कोई भी उम्मीदवार जीत हासिल नहीं कर सका। 1977 के चुनाव यूए पार्टी से चरण नर्जारी सांसद बने।

निर्दलीय उम्मीदवारों का दबदबा

इसके बाद 1984 के चुनाव में यूए पार्टी के समर ब्रह्मा चौधरी चुनाव जीते। 1997 के चुनाव स्वतंत्र उम्मीदवार सत्येंद्रनाथ सत्येंद्रनाथ ब्राह्मो चौधरी ने जीत हासिल की और सांसद चुने गए। 1996 के चुनाव में इस सीट पर राजनीति ने फिर करवट बदली और स्वतंत्र उम्मीदवार लुइस इस्लेरी चुनाव जीते। इसके बाद 1998 से लेकर 2009 तक लगातार चार बार संसुमा सांसद रहे। हालांकि 2009 के चुनाव में संसुमा बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट से मैदान में उतरे थे। इसके बाद 2014 के चुनाव में जनता ने नब कुमार सरनिया को सांसद चुना।

कितनी है मतदाताओं की संख्या?

इस सीट पर कुल मतदाताओं की संख्या 15,05,476 है। इसमें 7,76,071 पुरुष मतदाता है और 7,29,405 लाख महिला मतदाता है। वहीं इस सीट के भौगोलिक स्थिति पर नजर डाले तो यहां की कुल जनसंख्या 23,81,032 है। इसमें 93.41 प्रतिशत लोग गांव में निवास करते हैं। जबकि 6.59 प्रतिशत शहरी हैं। अनुसूचित जाती के लोगों की संख्या 6.41 फीसदी है जबकि 28.57 फीसदी अनुसूचित जनजाति के लोग हैं। इस सीट पर हुए अब तक के लोकसभा चुनावों में राजनीतिक पार्टियों के परफॉर्मेंस पर नजर डाले तो स्वतंत्र उम्मीदवारों की स्ट्राइक रेट 75 फीसदी है जबकि कांग्रेस पार्टी की 25 फीसदी है।

नब कुमार सरनिया प्रोफाइल

1967 से लेकर अभी तक हुए चुनाव में 7 बार स्वतंत्र उम्मीदवारों को जीत मिली है जबकि 2 बार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने जीत हासिल की है। इस सीट से मौजूदा सांसद नब कुमार सरनिया का मुख्य पेशा बिजनेस है। वहीं सांसद नब कुमार सरनिया ने 12वीं तक की पढ़ाई की है। वहीं इन्होंने अभ तक सदन में 71 सवाल उठाए हैं, जबकि इनकी उपस्थित 79 फीसदी रही है। 20 चर्चाओं में इन्होंने हिस्सा लिया है। 2014 लोकसभा चुनाव की बात करें तो इस सीट पर कुल 81 फीसदी वोट पड़े थे। जिसमें कुल 12,23,869 मतदाताओं ने वोट किया था। इनमें 6,36,65 पुरुष और 5,87,212 महिला मतदाता शामिल थीं। इस सीट के आंकड़ों के हिसाब से यहां अधिकतर बार स्वतंत्र उम्मीदवारों को ही जीत मिली है। शुरू-शुरू कांग्रेस को जीत मिली जरूर थी लेकिन आगे चलकर कांग्रेस सीट से दूर होती चली गई।

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