लोकसभा चुनाव 2019: बीरभूम लोकसभा सीट के बारे में जानिए
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की बीरभूम लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद तृणमूल कांग्रेस की नेता और बांग्ला फिल्मों की लोकप्रिय अभिनेत्री शताब्दी रॉय सांसद हैं। उन्होंने साल 2014 के चुनाव में इस सीट पर CPI(M)नेता डॉ.कामरे ईलाही को 67,263 वोटों के अंतर से हराया था, शताब्दी रॉय को 460,568 वोट मिले थे तो वहीं डॉ.कामरे ईलाही को केवल 393,305 वोटों पर संतोष करना पड़ा था। इस सीट पर नंबर तीन पर भाजपा नेता जॉय बनर्जी थे, जिन्हें 235,753 वोट मिले थे तो वहीं चौथा नंबर कांग्रेस नेता सैयद राज का था, जिन्हें कि मात्र 132,08 वोट ही प्राप्त हुए थे।

साल 1952 में यहां पर पहला आम चुनाव हुआ था, जिसे कि कांग्रेस ने जीता था और तब से लेकर साल 1967 तक यहां पर कांग्रेस की ही सत्ता रही, हालांकि साल 1971 का चुनाव यहां पर CPI(M) ने जीता और तब से लेकर साल 2004 तक इस सीट पर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी का ही राज रहा था, जिसमें से लगातार 6 बार इस सीट से डॉ. रामचंद्र यहां के सांसद पद पर रहे, वो 1989, 1991, 1996, 1998,1999 और साल 2004 तक इस सीट से सांसद चुने गए। साल 2009 में यहां पहली बार तृणमूल कांग्रेस को विजय हासिल हुई और शताब्दी रॉय यहां से जीतकर लोकसभा पहुंचीं और साल 2014 के चुनाव में भी उन्हीं के ही पास यह सीट रही।
'बीरभूम' , परिचय-प्रमुख बातें-
'बीरभूम' पश्चिम बंगाल स्थित भारत का एक प्राचीन क्षेत्र है जिसपर कभी वीर राजाओं का शासन हुआ करता था, इसलिए इसका नाम वीरों की भूमि यानी 'बीरभूम' पड़ा। वर्तमान में यह राज्य का एक बड़ा जिला है, जिसके अंतर्गत कई खूबसूरत स्थान आते हैं। 'बीरभूम' को 'लाल मिट्टी' की भूमि भी कहा जाता है। बरसो से पश्चिम बंगाल की लोक संस्कृति और परंपराओं को संभाले ये जिला राज्य का सांस्कृतिक केंद्र भी है। इस स्थान का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व होने के कारण, यह एक आकर्षक पर्यटन स्थल है। जिले में कई खूबसूरत प्राचीन मंदिर भी मौजूद हैं। 'बीरभूम' की जनसंख्या 22,47,089 है, जिसमें से 85.77% लोग गांवों में और 14.23% लोग शहरों में निवास करते हैं, यहां 29.03% लोग एससी वर्ग के और 6 प्रतिशत लोग एसटी वर्ग के हैं।
दिसंबर 2018 की रिपोर्ट के मुताबिक शताब्दी की लोकसभा में उपस्थिति 74% रही थी, जिसमें से उन्होंने मात्र 4 डिबेट में हिस्सा लिया है और 2 प्रश्न पूछे हैं, साल 2014 के चुनाव में इस सीट पर कुल मतदाताओं की संख्या 14,95,108 थी, जिसमें से केवल 12,75,819 लोगों ने अपने मतों का प्रयोग किया था, जिसमें पुरुषों की संख्या 6,70,443 और महिलाओं की संख्या 6,05,376 थी।
सीपीएम का गढ़ कही जाने वाली इस सीट पर पिछले दस साल से तृणमूल कांग्रेस राज कर रही है, पिछले चुनाव में केवल इस सीट पर ही नहीं बल्कि पूरे राज्य में सीएम ममता बनर्जी की अगुवाई में तृणमूल कांग्रेस ने बेहतरीन दर्शन किया था और राज्य की 42 लोकसभा सीटों में से 34 सीटों पर अपना कब्जा जमाया था, जबकि कांग्रेस को 4 और भाजपा को 2 सीटें मिली थी, सीपीएम जिसने कभी बंगाल में 34 साल राज किया था, उसे इस चुनाव में मात्र 2 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा था, मोदी लहर भी बंगाल में बेअसर रही थी लेकिन क्या इस बार भी यहां कुछ ऐसा ही होगा, ये एक बड़ा प्रश्न है, जिसके उत्तर के लिए हमें चुनावी नतीजों की प्रतिक्षा करनी होगी, देखते हैं इस सीट पर टीएमसी अपनी जीत की हैट्रिक पूरी कर पाती है कि नहीं।












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