लोकसभा चुनाव 2019- मुंगेर लोकसभा सीट के बारे में जानिए

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    Lok Sabha Election 2019: History of Munger, MP Performance card | वनइंडिया हिंदी

    नई दिल्ली: बिहार की मुंगेर लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद लोकजनशक्ति पार्टी की वीणा देवी हैं। उन्होंने साल 2014 के चुनाव में सीएम नीतीश कुमार के खासम खास माने जाने वाले मंत्री राजीव रंजन उर्फ लल्लन सिंह को हराया था। साल 2014 के चुनाव में इस सीट पर जेडीयू दूसरे और आरजेडी तीसरे नंबर पर थी। इस चुनाव में कुल मतदाताओं की संख्या 16 लाख 96 हजार 546 थी, जिसमें से मात्र 9,14,350 ने लोगों ने अपने मतों का प्रयोग किया। इसमें पुरुषों की संख्या 5,06,184 और महिलाओं की संख्या 4,08,166 थी। मुंगेर में हिंदुओं की आबादी 91 प्रतिशत और मुस्लिमों की 8 प्रतिशत है।

    profile of Munger lok sabha constituency

    मुंगेर लोकसभा सीट का इतिहास

    बिहार समेत देश की सियासत में अहम रोल निभाने वाले मुंगेर का एक यशस्वी इतिहास भी रहा है। मुंगेर बंगाल के अंतिम नवाब मीरकासिम की राजधानी था तो वहीं 1832 में मुंगेर को भागलपुर जिला से अलग किया गया था। बेगुसराय, लक्खीसराय, खगड़िया, शेखपुरा और जमुई जिला पहले मुंगेर जिला के ही अंग थे। साल 2011 की जनगणना के मुताबिक यहां की जनसंख्या 27,17,527 है, जिसमें से 78 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है और 21 प्रतिशत लोग शहरों में रहते हैं। मुंगेर संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत विधानसभा की 6 सीटें आती हैं।

    1952, 1957, 1962, 1971 के संसदीय चुनावों में कांग्रेस ने यहां जीत दर्ज की लेकिन 1977 के चुनावों में जनता पार्टी ने उसके विजय रथ को रोक दिया था और श्री कृष्ण सिंह यहां से एमपी बने थे। साल 1980 और 1984 में यहां फिर से कांग्रेस का ही राज रहा था। 1989 के चुनाव में यहां जनता दल जीती थी तो वहीं 1991 में यहां सीपीआई का खाता खुला और ब्रह्मानंद मंडल यहां से सांसद बने। साल 1996 के चुनावों में एक बार फिर से सांसद की सीट ब्रह्मानंद मंडल को नसीब हुई लेकिन इस बार उन्होंने समता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था। साल 1998 के चुनावों में यहां राजद का शासन रहा लेकिन इसके एक साल बाद हुए चुनाव में ये सीट फिर से ब्रह्मानंदन मंडल के पास चली गई लेकिन इस बार उन्होंने जेडीयू के टिकट पर चुनाव जीता था।

    साल 2004 के चुनाव में एक बार फिर से यहां राजद जीती लेकिन साल 2009 के चुनाव में जेडीयू ने उससे अपनी हार का बदला ले लिया और राजीव रंजन उर्फ लल्लन सिंह यहां से एमपी चुने गए लेकिन साल 2014 के चुनाव में यहां बाजी पलट गई और लोजपा ने यहां जीत के साथ खाता खोला और वीणा देवी यहां से सांसद चुनी गईं।

    वीणा देवी का लोकसभा में प्रदर्शन

    दिसंबर 2018 की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 5 सालों के दौरान लोकसभा में सांसद वीणा देवी की उपस्थिति 9 3प्रतिशत रही है। इस दौरान उन्होंने 26 डिबेट में हिस्सा लिया है और 202 प्रश्न पूछे। वीणा देवी पूर्व सांसद और बाहुबली कहे जानेवाले सूरजभान सिंह की पत्नी हैं।

    साल 2014 के दुश्मन साल 2019 में दोस्त बन गए हैं, जिसकी वजह से यहां के सियासी हालात बदल गए हैं, आज लोजपा , जेडीयू एनडीए का हिस्सा है, ऐसे में इस सीट पर दावेदारी और जीत दोनों पर सबकी नजर है, जोड़-तोड़ की गणित और इतिहास रचने की चाहत में सियासी पार्टियां जुटी हुई हैं लेकिन इन सबके बीच अहम रोल यहां की जनता का है, जिसके आगे हर रणनीति फेल हो जाती है, देखते हैं वो किसको अपना सरताज बनाती है। गौरतलब है कि इस बार सीटों के समझौतों के तहत राज्य में बीजेपी और जेडीयू 17-17 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी, जबकि लोक जनशक्ति पार्टी को 6 सीटें दी गई हैं।

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