लोकसभा चुनाव 2019: मुंबई नार्थ-ईस्ट लोकसभा सीट के बारे में जानिए
नई दिल्ली: महाराष्ट्र की मुबंई नार्थ-ईस्ट लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद भाजपा के डॉ. किरीट सोमैया हैं। उन्होंने साल 2014 के चुनाव में इस सीट पर NCP के कद्दावर नेता संजय पाटील को 31, 71, 22 वोटों से हराया था, डॉ. किरीट सोमैया को 525, 285 वोट मिले थे तो वहीं संजय पाटील को मात्र 208, 163 मतों पर संतोष करना पड़ा था। देश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले मुंबई का नाम 'मुंबा देवी' के नाम पर पड़ा है। मुबंई नार्थ-ईस्ट की आबादी 39,65,939 है, जिसमें से 8 प्रतिशत लोग SC और 1 प्रतिशत ST हैं। सपनों की नगरी या मायानगरी के नाम से संबोधित किए जाने वाले इस शहर को भारत में अंग्रेजी हुकूमत के आगमन के साथ ही मुख्य बंदरगाह शहर के रूप में विकसित किया गया था। ब्रिटिश काल के दौरान भारतीय उत्पादित माल इन रास्तों से विश्व के कोने-कोने तक पहुंचता था। यही वजह है कि आज भी मुंबई को भारत के सबसे बड़े औद्योगिक शहरों में गिना जाता है।

मुंबई उत्तर पूर्व लोकसभा क्षेत्र का इतिहास
मुंबई उत्तर पूर्व लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत विधानसभा की 6 सीटें आती हैं। साल 1967 में यहां पहली बार कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी और 67 लेकर 1971 तक इस सीट पर उसका ही कब्जा रहा लेकिन साल 1977 का चुनाव यहां पर जनता पार्टी ने जीता, साल 1980 में भी उसका राज यहां पर रहा लेकिन 1984 के चुनाव में यहां पर कांग्रेस की वापसी हुई लेकिन 1989 के चुनाव में यहां भाजपा का कब्जा हो गया लेकिन इसके बाद साल 1991 के चुनाव में एक बार फिर से यहां पंजे तो सफलता मिली लेकिन 1996 का चुनाव यहां पर भाजपा ने जीता और प्रमोद महाजन यहां से जीतकर लोकसभा पहुंचे लेकिन 1998 के चुनाव में कांग्रेस ने यहां वापसी की लेकिन उसका राज एक साल बाद ही यहां समाप्त हो गया और भाजपा यहां 1999 का चुनाव जीत गई और डॉ. किरीट सोमैया यहां से सांसद चुने गए, साल 2004 में एक बार फिर से यहां कांग्रेस ने जीत दर्ज की और गुरूदास कामत यहां के सांसद बने,साल 2009 के चुनाव में यहां पर नेशनल कांग्रेस पार्टी ने जीत दर्ज की और संजय दीना पाटील यहां से जीते लेकिन साल 2014 के चुनाव में उन्हें कांग्रेस के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी और भाजपा के डॉ. किरीट सोमैया यहां से जीतकर लोकसभा पहुंचे।
किरीट सोमैया का लोकसभा में प्रदर्शन
डॉ. किरीट सोमैया इस सीट से दो बार सांसद रह चुके हैं, दिसंबर 2018 की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 5 सालों के दौरान लोकसभा में डॉ. किरीट सोमैया की उपस्थिति 96 प्रतिशत रही और इस दौरान उन्होंने 114 डिबेट में हिस्सा लिया और 440 प्रश्न पूछे हैं।
इस सीट पर सीधा मुकाबला भाजपा बनाम कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों का रहा है, बाकी किसी भी पार्टी का यहां कोई अस्तित्व नहीं रहा है। ऐसे में इस बार जहां भाजपा की पूरी कोशिश इस सीट को अपने पास बचाकर रखने की होगी, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस और उसके सहयोगी दल इस सीट को जीतने की पूरी कोशिश करेंगे। जहां तीन राज्यों के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को मिली सफलता से उसे हौसेले बुंलद हैं वहीं इस हार से भाजपा खेमे में बेचैनी है ऐसी सूरत में कहा जा सकता है कि इस बार इस सीट पर मुकाबला जबरदस्त होगा, देखते हैं शह और मात के इस खेल में बाजी किसके हाथ लगती है। आपको बता दें कि कांग्रेस और एनसीपी लोकसभा चुनाव साथ में लड़ रहे हैं।
ये भी पढ़ें:- लोकसभा चुनाव 2019: मुंबई नार्थ सेंट्रल लोकसभा सीट के बारे में जानिए












Click it and Unblock the Notifications