लोकसभा चुनाव 2019: मिश्रिख लोकसभा सीट के बारे में जानिए
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश की मिश्रिख लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद भाजपा की अंजू बाला हैं। साल 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के अशोक कुमार रावत 87363 वोटों से हराया था। इस चुनाव में बसपा दूसरे नंबर पर, सपा तीसरे पर , कांग्रेस चौथे पर और पांचवें पर आप थी।

मिश्रिख लोकसभा सीट में 5 विधानसभा क्षेत्र
मिश्रिख लोकसभा सीट के अंतर्गत 5 विधानसभा क्षेत्र आते हैं। इनके नाम मिश्रिख, मल्लान्वान, बालामऊ, संडीला और बिल्हौर हैं। मिश्रिख लोकसभा क्षेत्र को मिश्रिख नीमसार भी कहते हैं। मिश्रिख में पहला लोकसभा चुनाव 1962 में हुआ था जिसमें भारतीय जन संघ के गोकरण प्रसाद ने जीत था। अगले चुनाव में संकटा प्रसाद जीते और सांसद की कुर्सी पर बैठे। संकटा प्रसाद यहां से तीन बार सांसद रहे और कांग्रेस यहां 7 बार जीती लेकिन साल 1996 में कांग्रेस की जीत पर ब्रेक लग गया और उसके बाद उसे यहां आज तक जीत नहीं मिली है।
1996 में यहां पर भगवा पताका फहराई और भाजपा के नेता परागी लाल ने सीट पर कब्जा किया लेकिन अगले ही चुनाव में भाजपा को यहां बसपा के हाथों करारी हार मिली और बहुजन समाज पार्टी के राम शंकर भार्गव यहां से एमपी चुने गए। 1999 में इस सीट से समाजवादी पार्टी की सुशीला सरोज जीती लेकिन इनके बाद बहुजन समाज पार्टी के अशोक कुमार रावत लगातार 2 बार जीते, जिन्हें साल 2014 में भारतीय जनता पार्टी की अंजू बाला ने हराया।
अंजू बाला
अंजू बाला की पिछली 5 सालों में लोकसभा में उपस्थिति 98 प्रतिशत रही है। इस दौरान उन्होंने 126 डिबेट में हिस्सा लिया और 203 प्रश्न पूछे हैं। अंजू बाला , महिला सशक्तिकरण समिति की भी सदस्य हैं।
मिश्रिख लोकसभा सीट एक परिचय- प्रमुख बातें
मिश्रिख महर्षि दधिची की वजह से पूरे भारत में मशहूर है।
महर्षि दधिची ने असुरों को मारने के लिए इंद्र को अपनी अस्थियां दे दी थी
मिश्रिख 305 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैला हुआ है
मिश्रिख की जनसंख्या 1,90,334 है औरऔसत साक्षरता दर 65% है
2014 के चुनाव में 1725589 वोटरों ने हिस्सा लिया था
54 प्रतिशत पुरुष और 45 प्रतिशत महिलाओं की भागेदारी
सपा-बसपा गठबंधन के बाद इस सीट पर चुनाव दिलचस्प होने के आसार हैं।












Click it and Unblock the Notifications