लोकसभा चुनाव 2019: भरतपुर लोकसभा सीट के बारे में जानिए
नई दिल्ली: राजस्थान की भरतपुर लोकसभा सीट से सांसद भाजपा के बहादुर सिंह कोली हैं। उन्होंने साल 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के डॉ. सुरेश यादव को दो लाख 45 हजार से अधिक मतों से हराया था। साल 2014 के चुनाव में इस सीट पर नंबर 2 पर कांग्रेस, नंबर तीन पर बसपा और नंबर 4 पर आप थी। उस साल यहां कुल मतदाताओं की संख्या 16 लाख 86 हजार 897 थी, जिसमें से मात्र 9 लाख 62 हजार 432 लोगों ने अपने मतों का प्रयोग किया था, इसमें पुरुषों की संख्या 5 लाख 48 हजार 105 और महिलाओं की संख्या 4 लाख 14 हजार 327 थी। भरतपुर राजस्थान का एक प्रमुख शहर होने के साथ-साथ देश का सबसे प्रसिद्ध पक्षी उद्यान भी है। विश्व धरोहर सूची में शामिल यह स्थान प्रवासी पक्षियों का भी बसेरा है। भरतपुर शहर की स्थापना जाट शासक राजा सूरजमल ने की थी और यह अपने समय में जाटों का गढ़ हुआ करता था। वैसे इस शहर का नाम भगवान राम के आदर्श भाई भरत के नाम पर किया गया है। भरतपुर की जनसंख्या 28 लाख 45 हजार 269 है, जिसमें से 81 प्रतिशत आबादी ग्रामीण और 18 प्रतिशत शहरी है।

भरतपुर लोकसभा सीट का इतिहास
भरतपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत विधानसभा की 7 सीटें आती हैं, यह लोकसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। साल 1952 के चुनाव में यहां से निर्दलीय नेता गिरीराज सरन सिंह ने जीत दर्ज की थी। 1957 के चुनाव में यहां पर कांग्रेस की जीत हुई और 1962 के चुनाव में भी यहां कांग्रेस का ही राज रहा और राज बहादुर यहां से सांसद बने। 1967 के चुनाव में यहां पर बिजेन्द्र सिंह निर्दलीय जीते, 1971 के चुनाव में एक बार फिर से यहां कांग्रेस जीती लेकिन 1977 के चुनाव में यहां जनता पार्टी जीत गई जबकि 1980 के चुनाव में यहां पर कांग्रेस जीती और राजस्थान के डिप्टी सीएम सचिन पायलट के पिता राजेश पायलट यहां से सांसद बने, इसके बाद 1984 के चुनाव में भी यहां कांग्रेस जीती। साल 1999 के चुनाव में यहां पहली बार भाजपा को जीत नसीब हुई और विश्वेन्द्र सिंह सांसद की कुर्सी पर विराजमान हुए, साल 2004 का चुनाव भी यहां भाजपा और विश्वेन्द्र सिंह के ही नाम रहा तो वहीं साल 2009 के चुनाव में यहां कांग्रेस के हाथ सफलता लगी लेकिन साल 2014 के चुनाव में बाजी पलटी और ये सीट फिर से भाजपा की झोली में आ गई और बहादुर सिंह कोली यहां से जीतकर लोकसभा पहुंचें।
बहादुर सिंह कोली का लोकसभा में प्रदर्शन
बहादुर सिंह कोली पिछले दिनों एससी-एसटी एक्ट कानून के विरोध में खुलकर बोलने की वजह से सुर्खियों मे रहे हैं, दिसंबर 2018 की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले पांच सालों के दौरान लोकसभा में उनकी उपस्थिति 96 प्रतिशत रही है तो इस दौरान उन्होंने 16 डिबेट में हिस्सा लिया है और 105 प्रश्न पूछे हैं।
भरतपुर ऐसी लोकसभा सीट है जहां भाजपा और कांग्रेस के अलावा और किसी के बीच में कोई मुकाबला नहीं है, बहादुर सिंह कोली की जीत में मोदी लहर का हाथ था लेकिन इस बार राजस्थान में बीजेपी के खिलाफ लोग हैं, जिसकी वजह से भाजपा यहां सत्ता से बाहर हो गई है, इन हालात में भाजपा को इस सीट को दोबारा जीतने के लिए किए काफी मशक्कत करनी पड़ सकती है तो वहीं कांग्रेस इस सीट को जीतने के लिए हर संभव कोशिश करेगी, फिलहाल जीत इस जंग में उसकी होगी जिसे जनता चुनेगी और वो किसके साथ है ये तो हमें चुनावी परिणाम बताएंगे।












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