तो सोनिया-राहुल की हरी झंडी का इंतजार कर रही हैं प्रियंका गांधी?
नई दिल्ली। लंबे अरसे से कांग्रेस में मांग उठ रही है कि प्रियंका लाओ..कांग्रेस बचाओ.. इस मांग ने जोर उस समय तब और पकड़ लीी जब यूपी में कांग्रेस के चुनाव की रणनीति तैयार करने वाले प्रशांत किशोर ने कहा कि यूपी में पार्टी की वापसी तभी हो सकती है जब कांग्रेस साल 2017 के विधानसभा चुनावों में सीएम का चेहरा क्लियर करे और वो चेहरा राहुल या प्रियंका के रूप में हो।
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फिर उत्तर प्रदेश के प्रभारी एआईसीसी महासचिव गुलाम नबी आजाद ने भी प्रियंका गांधी को सक्रिय राजनीति में उतरने की वकालत की जिसके बाद लगने लगा कि इस बार के चुनाव में प्रियंका केवल चुनाव प्रचारक के रूप में नहीं बल्कि सीएम उम्मीदवार के रूप में नजर आ सकती हैंं जिसके बारे में बात करते हुए पार्टी प्रवक्ता शोभा ओझा ने आज मीडिया से कहा कि यूपी में प्रियंका का रोल क्या होगा, इसका फैसला वो खुद सोनिया गांधी और राहुल गांधी से बातचीत करने के बाद करेंगी।
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जिससे ये बात तो साफ हो गई कि पार्टी के अंदर प्रियंका गांधी को एक्टिव पॉलिटिक्स में लाने की कवायतें जोरों पर हैं, फिलहाल क्या होगा और क्या नहीं इसकी तस्वीर जल्द ही साफ हो जायेगी।
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मालूम हो कि साल 2012 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने यूपी में 403 में से केवल 28 सीटों पर जीत हासिल की थी जबकि साल 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को 80 में से मात्र दो सीटें मिली थीं। उसके बाद से ही कांग्रेस में प्रियंका गांधी को लाने की बातें हो रही हैं।
प्रियंका गांधी अभी तक केवल स्टार प्रचारक
आपको बता दें कि प्रियंका गांधी अभी तक केवल पार्टी के स्टार प्रचारक के रूप में ही नजर आयी हैं वो अमेठी और रायबरेली को छोड़कर कहीं और चुनाव प्रचार करने नहीं गयी हैं।












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