'वे सिर्फ हिंदू नहीं थे', संसद में प्रियंका गांधी ने पहलगाम पीड़ितों को ऐसा क्यों कहा?
Priyanka Gandhi Lok Sabha: लोकसभा के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार, 29 जुलाई को कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर सरकार को घेरते हुए सदन में उठ रहे धार्मिक रंग देने के प्रयासों पर जवाब दिया। सदन में आतंकी हमले में मारे गए 26 नागरिकों को प्रियंका गांधी ने स्पष्ट शब्दों में कहा - "वो भारतीय थे"।
यह एक सीधा और सधा हुआ संदेश था, जो बताता है कि देश में जब आतंकवाद से जानें जाती हैं, तो उसका दर्द धर्म देखकर नहीं आता - और न ही उसका जवाब धार्मिक चश्मे से देखा जाना चाहिए।

यह टिप्पणी उस समय आई जब संसद में 'ऑपरेशन सिंदूर' पर विशेष चर्चा चल रही थी, और प्रियंका गांधी ने इस मौके को सिर्फ एक राजनीतिक हमला बनाने की जगह, उसे एक राष्ट्रीय पीड़ा और जिम्मेदारी के सवाल में तब्दील कर दिया। उन्होंने सरकार की जवाबदेही से बचने की कोशिशों को उजागर करते हुए तीखे सवाल उठाए।
"मेरी मां के आंसू आतंकवाद की पीड़ा हैं"
प्रियंका गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान का भी जवाब दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि सोनिया गांधी रो पड़ी थीं। इसके जवाब में प्रियंका ने कहा, "गृह मंत्री ने आज मेरी मां के आंसुओं की बात की। मैं इसका जवाब देना चाहती हूं। मेरी मां के आंसू तब गिरे थे जब आतंकवादियों ने मेरे पिता की हत्या की थी। आज मैं उन 26 लोगों की बात इसलिए करती हूं क्योंकि मैं उस दर्द को समझती हूं।"
प्रियंका गांधी ने सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि 22 अप्रैल 2025 को हुए हमले के बाद सरकार की प्रतिक्रिया इतनी धीमी और चुप्पी भरी क्यों रही? उन्होंने कहा कि "कल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी ने एक घंटे का भाषण दिया जिसमें उन्होंने कई मुद्दों पर बात की, लेकिन एक बात छूट गई - 22 अप्रैल 2025 को जब 26 नागरिकों को गोलियों से भून दिया गया, तब यह हमला हुआ कैसे और क्यों?"
"हर बात में इतिहास, लेकिन वर्तमान पर मौन क्यों?"
प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह हर सवाल से बचने की कोशिश करती है, जवाब देने की बजाय गांधी परिवार को घसीटती है, और आज के मुद्दों से आँखें चुराती है। उन्होंने कहा कि "साहब, आप इतिहास की बातें करते हैं, मैं वर्तमान की बात करूँगी। आप हर बार कोई बहाना ढूंढते हैं, पूरा गांधी परिवार गिनवा देते हैं। लेकिन आप 11 साल से सत्ता में हैं - जवाबदेही आपकी है।"
उन्होंने यह भी जोड़ा कि जब कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने गृह मंत्री से सवाल किया, तो रक्षा मंत्री तो सिर हिला रहे थे, लेकिन गृह मंत्री हँस रहे थे - यह गंभीरता की कमी को दर्शाता है।
"आपके लिए सबकुछ पब्लिसिटी है"
प्रियंका गांधी ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह राष्ट्रीय त्रासदियों को भी राजनीतिक हथियार बना देती है, जबकि जनता की भावनाओं और पीड़ा के लिए उसके पास कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि इस सरकार को कभी जवाबदेह होते नहीं देखा। उनके दिल में आम जनता के लिए कोई जगह नहीं है। उनके लिए सबकुछ राजनीति है, पब्लिसिटी है। पहलगाम हमले के पीड़ितों को "हिंदू" के रूप में चिह्नित करने की कोशिश की, तो प्रियंका गांधी ने एक संवेदनशील और एकता को दर्शाने वाला उत्तर देते हुए कहा - "भारतीय थे"। यह वक्तव्य सदन में गूंज उठा।












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