Parliament Session: 'जय श्री राम' की जगह क्या बोलने को कह रही हैं प्रियंका गांधी? जवाब हुआ वायरल
Priyanka Gandhi: संसद में बुधवार को एक अनोखा नजारा देखने को मिला। जब वायनाड से सांसद, प्रियंका गांधी वाड्रा संसद पहुंची तब महिला सांसद उनसे हाथ मिलाने लगीं। अभिवादन के दौरान महिला सांसदों ने 'जय श्री राम' का नारा लगाया। जिसके बाद प्रियंका गांधी ने जैसे रियेक्ट किया उसने अभी का ध्यान आकर्षित किया है।
हाथ मिलाते हुए जब महिला सांसदों ने 'जय श्री राम' का नारा लगाया तब जवाब में प्रियंका गांधी ने 'जय हिंद' कहा। इसके बाद उन्होंने कहा, "सुनिए, हम महिला हैं इसलिए जय सिया राम। सीता को मत छोड़ो।" प्रियंका के इस जवाब पर महिला सांसद भी मुस्कुराती हुई नजर आईं। यह पूरी बातचीत कैमरे में कैद हो गई और अब सोशल मीडिया पर जमकर शेयर की जा रही है।

कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने भी प्रियंका गांधी के इस जवाब की प्रशंसा करते हुए यह वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया। माता सीता के बिना श्री राम अधूरे हैं, इस बात का जिक्र करने के लिए श्रीनेत ने प्रियंका गांधी की तारीफ की। प्रियंका ने महिला सांसदों के अभिवादन का जाएब देते हुए इस बात पर जोर दिया गया कि भगवान राम का नाम माता सीता के नाम के बिना अधूरा है। प्रियंका की टिप्पणी पर महिला सांसदों को मुस्कुराते हुए तो देखा गया ही साथ ही उनके इस भाव ने ऑनलाइन कई लोगों का ध्यान खींचा।
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“जय सियाराम 🙏
हम महिलायें हैं, सीता को मत छोड़ो”महिला सांसदों के जय श्रीराम अभिवादन का जवाब @priyankagandhi जी ने उस माँ सीता की याद दिला कर दिया, जिनके बिना भगवान राम का नाम अधूरा है”
👏👏👏 pic.twitter.com/Dt2uF7hLga
— Supriya Shrinate (@SupriyaShrinate) December 4, 2024
प्रियंका गांधी की संसद में इंट्री
पहली बार सांसद बनने के बाद प्रियंका गांधी संसद में खासी सक्रिय रही हैं। उनका शुरुआती ध्यान वायनाड में भूस्खलन से प्रभावित परिवारों के लिए वित्तीय सहायता सुनिश्चित करने पर रहा है। उन्होंने सरकार से इन परिवारों की सहायता करने और स्थिति को प्रभावी ढंग से संबोधित करने की उनकी योजनाओं के बारे में स्पष्टता मांगी है।
वायनाड के हालत पर निराश प्रियंका
अपनी चिंताओं के बारे में मीडिया से बात करते हुए प्रियंका ने वायनाड निवासियों के लिए वित्तीय सहायता की कमी पर निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यूनतम सहायता मिली है और सरकार से क्षेत्र के लिए एक ठोस कार्य योजना की रूपरेखा तैयार करने का आग्रह किया।












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