प्रिंस मर्डर केस: गुरुग्राम पुलिस के गुनाहों की सजा भुगत रहा है बस कंडक्टर अशोक का परिवार

गुरुग्राम। Gurugram Prince Murder case तीन साल पहले गुरुग्राम के रेयान पब्लिक स्कूल में हुई 7 साल के मासूम प्रिंस की हत्या को शायद ही कोई भूला होगा। उस वक्त इस घटना ने स्कूल प्रशासन पर बहुत बड़े सवाल खड़े कर दिए थे। वर्तमान में इस मामले की जांच सीबीआई के अंडर है। हाल ही में सीबीआई ने इस मामले में खुलासा किया था कि पुलिस अधिकारियों ने बस कंडक्टर अशोक कुमार को उस वक्त इस केस में जबरदस्ती फंसाया था। अशोक कुमार आज की तारीख में जेल से तो बाहर है, लेकिन वो और उसका परिवार आज भी उस झूठे गुनाह की सजा भुगत रहा है, जो उसने किया ही नहीं।

Ashok Kumar

अशोक के बच्चों को निकाल दिया गया स्कूल से

दरअसल, अशोक कुमार और उसका परिवार पुलिस के गुनाह की सजा भुगत रहा है। उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। पीड़ित अशोक को जेल से बाहर आने पर कहीं काम नहीं मिला, जिसकी वजह से परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया। इसके बाद उसके बच्चों को भी स्कूल से बाहर कर दिया गया। सीबीआई ने बताया है कि अशोक को पुलिस कस्टडी में इतना पीटा गया था कि वह अब कोई शारीरिक श्रम नहीं कर सकता है और नौकरी पाने में असमर्थ है। अशोक के परिवार में उनकी पत्नी और 2 बच्चे हैं। एक 12 साल का और एक 9 साल का। हाल ही में उनकी मां का निधन हुआ है।

स्थानीय लोगों से अशोक के परिवार को मिलती है मदद

अशोक कुमार की छोटी बहन सुनीता का कहना है कि उनके भाई ने गिरफ्तारी के बाद से ही कहीं काम नहीं किया। जेल से बाहर आने के बाद उनके शरीर में इतनी जान नहीं बची है कि वो कोई भारी सामान उठा सकें। सुनीता ने बताया कि पुलिस कस्टडी में अशोक कुमार को खूब पीटा गया था। सुनीत का कहना है कि स्थानीय लोगों की तरफ से अशोक के परिवार को मदद मिलती रहती है। साथ ही हम हम चार बहनों से जो भी मदद होती है, वो समय-समय पर भेजते रहते हैं। सुनीता ने बताया कि अशोक के शरीर में इतना दर्द रहता है कि उन्हें समय-समय पर इंजेक्शन लगवाने के लिए सोहना जाना होता है। जेल से बाहर आने के बाद अशोक बहुत परेशान रहता है और किसी बाहरी व्यक्ति से बात नहीं करता है।

सीबीआई की चार्जशीट में चार पुलिसवालों का नाम

आपको बता दें कि हाल ही में सीबीआई ने इस मामले में पंचकूला कोर्ट के अंदर चार्जशीट दाखिल की है। इस चार्जशीट में अशोक कुमार को दोषी ठहराने के लिए गुड़गांव पुलिस के चार अधिकारियों के नाम इस चार्जशीट में हैं। चार्जशीट में ये लिखा है कि इन चार पुलिस अधिकारियों ने अशोक को फंसाने के लिए अदालत में झूठे बयान भी दर्ज कराए थे।

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