PM मोदी ने लॉन्च की 'प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना', पैदा होंगी 55 लाख नौकरियां
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज आत्मनिर्भर भारत ( Atmanirbhar Bharata Abhiyan) के तहत प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना को डिजिटल रूप से लॉन्च कर दिया है। बता दें कि इस योजना के तहत सरकार 2020 से लेकर साल 2025 की अवधि के दौरान 20050 करोड़ रुपए खर्च करेगी। ये केंद्र सरकार द्वारा मत्स्य क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा निवेश है। इसके साथ ही पीएम मोदी देश को एक और कृषि संबंधित योजना का तोहफा देते हुए ई-गोपाला ऐप ( e-Gopala App) की भी शुरुआत करेंगे।
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बिहार में मत्स्य पालन और पशुपालन क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए पीएम मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की शुरुआत की। इस दौरान कार्यक्रम में पीएम मोदी के अलावा केंद्रीय मंत्री और मत्स्य, पशुपालन और डेयरी के साथ बिहार के राज्यपाल और मुख्यमंत्री भी उपस्थित रहे। PMMSY देश में मत्स्य पालन क्षेत्र के केंद्रित और सतत विकास के लिए एक प्रमुख योजना है। इसमें अंतर्देशीय मत्स्य पालन, मरीन और एक्वाकल्चर में लाभार्थी-उन्मुख गतिविधियों के लिए लगभग 12,340 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। सरकार के मुताबिक इस स्कीम से देश में लगभग 55 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा।
55 लाख लोगों को मिलेगा लाभ
सरकार की इस प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का लाभ देश के 55 लाख लोगों को मिलने वाला है। इस योजना से देश भर में मत्स्य पालन को बढ़ावा मिलेगा। इस योजना के तहत सरकार बिहार के सीतामढ़ी में Fish Brood Bank और किशनगंज में Aquatic Disease Referral Laboratory की भी शुरुआत करेंगे। इस योजना की मदद से सरकार का लक्ष्य देश में साल 2024-25 में मछली के उत्पादन को लगभग 70 लाख टन तक बढ़ाने का है। वहीं सरकार इस योजना की मदद से 1 लाख करोड़ रुपए की कमाई का लक्ष्य लेकर चल रही है। इस योजना की मदद से अगले 5 साल में 70 लाख टन का अतिरिक्त मछली उत्पादन होगा।
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