मोदी ने बताए जीएसटी के दो और मतलब, दिया 5M फॉर्मूला

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा में जीएसटी बिल पर बोलने से पहले कहा कि महात्मा गांधी ने आज ही के दिन 8 अगस्त 'भारत छोड़ो' के मंत्र के साथ पूरे देश को आंदोलित किया था, जिसके चलते हमें आजादी मिली है। आजादी के 75 साल बाद देश के शहीदों को याद करते हुए कहा कि देश के बहुत सारे टैक्स से मुक्ति दिलाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया जा रहा है।

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हमारे देश में टैक्स को लेकर काफी गंभीर स्थिति रही है। टैक्स को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक एक केस पहुंचा जिसमें पूछा गया था कि आखिर नारियल को सब्जी मानकर उस पर टैक्स लगाया जाए या फिर फल मानकर उस पर टैक्स लगाएं। ऐसे में देश में टैक्स व्यवस्था को दुरुस्त करने की जरूरत है।

कौन जीता ये न सोचें

सभी राज्य सरकारों का धन्यवाद करते हुए पीएम मोदी बोले कि 90 राजनीतिक दलों ने विचार मंथन करके इस बिल को आज यहां पहुंचाया है। वे बोले कि जन्म कोई दे और लालन पालन कोई करे, हमें ये सोचना नहीं चाहिए। जीएसटी को पीएम मोदी ने किसी दल की नहीं, बल्कि लोकतंत्र की विजय कहा। वे बोले कि ऐसे में कौन जीता और कौन हारा, ऐसी कोई बात नहीं है।

जीएसटी के बताए दो और मतलब

पीएम मोदी बोले कि जीएसटी का मतलब है ग्रेट स्टेप टुवर्ड्स ट्रांसपिरेंसी और ग्रेट स्टेप टुवर्ड्स ट्रांसफॉर्मेशन। वे बोले कि मुख्यमंत्री रहते हुए मुझे जीएसटी की वजह से राज्यों को होने वाली परेशानियों को समझने का मौका मिला। मोदी बोले कि जीएसटी के जरिए हम माले में एक मोती पिरो रहे हैं जो एक भारत को ताकत देता है। वे बोले कि हम सब लोगों ने राजनीति के ऊपर राष्ट्रनीति को रखा और इस मंच को राजनीति का मंच नहीं बनने दिया।

'कन्ज्यूमर इज किंग'

जीएसटी से कई सारे अच्छे काम होंगे। जीएसटी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह बिल कन्ज्यूमर को किंग बनाएगा। जीएसटी से एक सरलीकरण आएगा, जिससे छोटे उद्यमियों को तो लाभ होगा ही, उपभोक्ताओं को सबसे अधिक फायदा होगा। जीएसटी छोटे उद्योगों को एक ताकत देगा और देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में छोटे उद्योग बहुत अधिक मददगार होते हैं। इस तरह से देश की अर्थव्यवस्था को फायदा होगा।

पीएम मोदी ने दिया 5M फॉर्मूला

अर्थव्यवस्था को सही तरीके से चलाने के लिए पांच बातों पर ध्यान देना जरूरी है। पीएम मोदी ने 5M फॉर्मूला देते हुए कहा कि मैन, मशीन, मटीरियल, मनी और मिनट (समय) का ऑप्टिमम यूटिलाइजेशन हो तो अर्थव्यवस्था आगे बढ़ेगी। चलते फिरते साधन अपना सिर्फ 60 फीसदी ही यूटिलाइज करते हैं, जबकि 40 फीसदी बर्बाद हो जाता है। इससे देश को हर साल 1 लाख 40 हजार रुपयों का नुकसान होता है। जीएसटी इन सभी से मुक्ति दिलाते हुए सरलीकरण लाएगा।

राज्यों को मिलेगी राहत

जीएसटी से राज्यों को होने वाली परेशानी कम होगी और उनकी आय बढ़ेगी। जो राज्य पिछड़े माने जाते थे वे भी आगे बढ़ सकेंगे। जीएसटी के कारण जिन राज्यों को तकलीफ होगी, उन्हें केन्द्र सरकार की तरफ से राहत दी जाएगी। किस खजाने में कितना धन जमा हो रहा है इसका पता केन्द्र के साथ-साथ राज्य को भी होगा। यह नई व्यवस्था राज्यों और केन्द्र के बीच में विश्वास मजबूत करने का काम करेगा।

गरीबों के उपयोग की सभी चीजें टैक्स से बाहर

जीएसटी बिल में गरीबों के उपयोग की सभी चीजें टैक्स के दायरे से बाहर हैं। 55 प्रतिशत फूड और जरूरी दवाएं जीएसटी के दायरे से बाहर हैं। सरकार ने कानूनन रिजर्व बैंक के साथ कहा है कि इंफ्लेशन 4 फीसदी पर स्थिर करना चाहिए। जीएसटी के कारण छोटे से छोटे व्यक्ति का खाका उसके पास रहेगा, जिससे कि उसे बैंक से कर्ज लेने में आसानी होगी।

करप्शन जीरो की तरफ बढ़ेगी व्यवस्था

जीएसटी के कारण व्यापारी पक्का बिल बनवाने के लिए स्वयं प्रेरित होगा। इस तरह से जीएसटी कालेधन और भ्रष्टाचार दोनों को समाप्त कर देगा। टैक्स जमा करने की सारी व्यवस्था ऑनलाइन होने के कारण टैक्स कलेक्शन तेज होगा और भ्रष्टाचार कम होगा, जिससे अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी। वे बोले कि इस नई व्यवस्था में करप्शन जीरो की तरफ जाएगा।

डाटा इंटिग्रेशन से बढ़ेगी पारदर्शिता

इससे डाटा इंटीग्रेशन होगा, मतलब हर चीज कहीं न कहीं रजिस्टर होगा आगे बढ़ेगा। ऐसे में किसी भी प्रकार की चोरी कहीं न कहीं पकड़ ली जाएगी। इसकी वजह से रिश्वतखोरी के खत्म होने की बात भी पीएम मोदी ने कही। सारी चीजें ऑनलाइन होने की वजह से पारदर्शिता बढ़ेगी।

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