AIPO Conference में बोले राष्ट्रपति कोविंद, दुनियाभर के लोकतांत्रिक संस्थानों पर उठ रहे सवाल, भारतीय संस्थानों को मिल रही मजबूती
नई दिल्ली। गुजरात के केवड़िया में बुधवार को 80वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी कॉन्फ्रेंस (AIPO) का आयोजन हो रहा है। कॉन्फ्रेंस को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद संबोधित कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कहा, 'मुझे खुशी है कि सरकार ने 2015 में 26 नवंबर को हर साल संविधान दिवस मनाने का फैसला लिया।' उन्होंने कहा कि, 'आज जब दुनियाभर में लोकतांत्रिक संस्थानों पर सवाल उठाए जा रहे हैं, तब भारतीय संस्थानों को अधिक मजबूती मिल रही है। हमारी प्राचीन पुस्तकों में लोकतांत्रिक मूल्यों का उल्लेख है, जिन्हें हमारे संविधान में शामिल किया गया है।'

राष्ट्रपति ने कहा, 'हमारे देश की संसद और विधानसभाएं हमारे संसदीय व्यवस्था का आधार हैं। उनपर देशवासियों के नियति के निर्धारण का महत्वपूर्ण दायित्व है। पिछले कुछ दशकों में लोगों की आशाओं और आकांक्षाओं के बढ़ने से संसदों और विधानमंडलों की जिम्मेदारियां और बढ़ गई हैं।'
वहीं सम्मेलन में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा, 'हमरा मकसद जनता के हितों का संरक्षण करना है। अपनी-अपनी संस्थाओं के माध्यम से काम करने के लिए हमारे पास काफी शक्तियां उपलब्ध है। आइए इस अवसर पर हम सब नई ऊर्जा के साथ राष्ट्र निर्माण का संकल्प लें।'












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