'भारत के राष्ट्रपति' निमंत्रण पत्र विवाद: केंद्र सरकार ने नाम बदलने की बात को 'अफवाह' बताया

संसद के विशेष सत्र बुलाए जाने के बाद लगातार कई तरह के मुद्दों को लेकर चर्चा हो रही है। मंगलवार को उस समय एक नया विवाद खड़ा हो गया। जब भारत के राष्ट्रपति की ओर से जी20 शिखर सम्मेलन के लिए रात्रिभोज का निमंत्रण भेजा गया। जिसमें प्रेसिडेट ऑफ इंडिया की जगह प्रेसिडेंट ऑफ भारत लिखा था।

जिसके बाद विपक्ष ने उस लेटर को लेकर आपत्ति जताई थी। विपक्ष ने दावा किया था कि, विशेष सत्र इसलिए बुलाया जा रहा है ताकि इंडिया का नाम बदलकर भारत किया जा सके। अब केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अरुणाग ठाकुर ने इन अटकलों को खारिज कर दिया है।

President of Bharat invitation card controversy: Central government calls the name change a rumour

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, देश का नाम इंडिया से भारत किए जाने को लेकर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि, मुझे लगता है कि ये सिर्फ अफवाहें हैं जो हो रही हैं। मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि जो कोई भी भारत शब्द पर आपत्ति जताता है, वह स्पष्ट रूप से उसकी मानसिकता को दर्शाता है।

राष्ट्रपति के रात्रि भोज के निमंत्रण पर अनुराग ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रपति "भारत के राष्ट्रपति हैं... तो ऐसा उन्होंने लिखा भारत के राष्ट्रपति...तो क्या हुआ? ठाकुर ने कहा कि, मैं भारत सरकार में मंत्री हूं। इसमें नया कुछ भी नहीं है। G20-2023 (ब्रांडिंग, लोगो) पर भारत और इंडिया दोनों लिखा है, तो फिर भारत नाम पर आपत्ति क्यों?

उन्होंने कहा कि, भारत से किसी को आपत्ति क्यों है? इससे उनकी मानसिकता का पता चलता । वे अपने दिल में इंडिया या भारत के खिलाफ हैं। विदेश में जाते हैं तो भारत की निंदा करते हैं। जब वे भारत में होते हैं तो उन्हें भारत के नाम पर आपत्ति होती है।

ठाकुर ने आगे कहा कि, इसे किसने ड्रॉप किया है? (भारत शब्द)...किसी ने इसे ड्रॉप नहीं किया है। भले ही आप G-20 ब्रांडिंग को देखें...यह इंडिया 2023 और भारत है। भारत के ऐसा लिखे जाने पर किसी को अटकलें या आपत्ति क्यों होनी चाहिए? यह ब्रांडिंग पिछले एक साल से की जा रही है।

वहीं दूसरी ओर कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर भारतीय गठबंधन की बैठक के बाद कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, "संसद का यह विशेष सत्र क्यों बुलाया गया है? केंद्र की ओर से अभी तक कोई स्पष्टीकरण नहीं आया है, हमारी मांग है कि भाजपा को थोड़ी पारदर्शिता दिखानी चाहिए और देश की जनता को इस विशेष सत्र के एजेंडे के बारे में बताना चाहिए। भाजपा भारत गठबंधन से डरी हुई है। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा, "क्या आपने कभी ऐसी सरकार देखी है जिसका विपक्ष के साथ संवाद न हो?"

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