Prerna Sthal: संसद भवन में 'प्रेरणा स्थल' का लोकार्पण, उपराष्ट्रपति धनखड़ बोले- आज का दिन ऐतिहासिक
Prerna Sthal: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने रविवार को संसद भवन परिसर में प्रेरणा स्थल का लोकार्पण किया। इस मौके पर लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, अर्जुन राम मेघवाल और एल मुरुगन ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी।
संसद भवन परिसर में हमारे देश के सभी महान लोगों, क्रांतिकारियों, अध्यात्मवादियों, सांस्कृतिक नेताओं की मू्र्तियां प्रेरणा स्थल में स्थापित की गई हैं। 17वीं लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि प्रेरणा सटल में उन महापुरुषों की मूर्तियां हैं, जिन्होंने नई चेतना जगाई, उनकी प्रतिमाएं अलग-अलग स्थानों पर स्थापित की गई हैं।

प्रेरणा स्थल के उद्घाटन के मौके पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अलावा कई दिग्गज नेता, सांसद समेत अधिकारी समेत लोकसभा सदस्य मौजूद रहे।
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अगली पीढ़ियों को मिलेगी जानकारी: बिरला
प्रेरणा स्थल की जानकारी देते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि महात्मा गांधी, बाबा साहेब, महाराणा प्रताप या छत्रपति शिवाजी की मूर्तियां हो, हम सभी महान लोगों की मूर्तियों को एक जगह पर ला रहे हैं। जिससे आने वाली पीढ़ी इन सभी महान विभूतियों के द्वारा इतिहास में दिए गए उनके बलिदान, संघर्षों और आध्यात्मिक और सांस्कृतिक योगदान को जान सके। सभी मूर्तियों के पास उन महान विभूतियों के बारे में जानकारी और इतिहास में उनके योगदान-संघर्षों की जानकारी अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी के माध्यम उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रेरणा स्थल की जानकारी देते हुए ओम बिरला ने कहा कि संसद परिसर में मूर्तियों का स्थानांतरण पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले भी संसद के नए भवन के निर्माण कार्य के दौरान महात्मा गांधी, मोतीलाल नेहरू और चौधरी देवी लाल जी की प्रतिमाओं को परिसर में ही अन्य स्थान पर सम्मानपूर्वक स्थानांतरित किए गए हैं।
लोकसभा स्पीकर ने कहा कि पिछली शताब्दी में, संसद भवन परिसर में कई बदलाव हुए है। परिसर के सौंदर्यीकरण का कार्य निरंतर चल रहा है। ओम बिरला ने बताया कि संसद भवन परिसर के कायाकल्प की व्यापक योजना में उद्यानों और जल निकायों के साथ एक हरित पट्टी में बदलना, भारत की वनस्पतियों की समृद्ध विविधता और स्वदेशी और मौसमी पौधों को लगाना शामिल है।
क्यूआर कोड स्कैन करके जानें महापुरुषों की गाथा
प्रेरणा स्थल पर महापुरुषों के संघर्षों की विस्तृत संघर्षों की गाथा भी उपलब्ध हैं। मूर्ति के पास उपलब्ध क्यूआर के स्कैन करके इसके पढ़ा जा सकेगा। ओम बरला के मुताबिक, महापुरुषों की जीवनगाथा, उनके सन्देश भी आगंतुकों के लिए उपलब्ध हों, ताकि सभी को उनके जीवन दर्शन से प्रेरणा मिले, और इसीलिये इस स्थल का नाम प्रेरणा स्थल दिया गया है। उन्होंने कहा कि संसद भवन में बड़ी संख्या में स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थी भ्रमण के लिए आते हैं। युवा एवं छात्र इन महापुरुषों के जीवन दर्शन से प्रेरणा ले सकेंगे।












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