Vice President Election 2025: उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए Electoral College की लिस्ट तैयार, आयोग ने दी जानकारी
भारत के चुनाव आयोग ने गुरुवार को घोषणा की कि उसने 2025 के उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल (Electoral College) की लिस्ट तैयार कर उसे अंतिम रूप दे दिया है। यह अहम कदम जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के करीब दो हफ्ते बाद आया है।
आयोग ने X पर एक प्रेस नोट शेयर करते हुए कहा, '2025 के उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल की सूची को अंतिम रूप दे दिया गया है। सदस्यों को उनके संबंधित सदनों के राज्य/केंद्रशासित प्रदेश के आधार पर वर्णानुक्रम ( A से Z) में सूचीबद्ध किया गया है।'

जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दिया था। अपने त्यागपत्र में धनखड़ ने लिखा, 'स्वास्थ्य सेवा को प्राथमिकता देने और चिकित्सकीय सलाह का पालन करने के लिए, मैं संविधान के अनुच्छेद 67(ए) के तहत तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे रहा हूं।'
धनखड़ के इस्तीफे के दो दिन बाद ही चुनाव आयोग ने नए उपराष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। हालांकि उन्होंने पूरे पांच साल के कार्यकाल के दो साल पूरे होने से पहले ही पद छोड़ा, लेकिन नए चुने गए उपराष्ट्रपति को पूर्ण कार्यकाल मिलेगा, न कि शेष अवधि।
संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया क्या कहती है?
भारतीय संविधान के आर्टिकल 324 के तहत, उपराष्ट्रपति पद का चुनाव कराना भारत के चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। आर्टिकल 66(1) के अनुसार, उपराष्ट्रपति का चुनाव लोकसभा व राज्यसभा के निर्वाचित सदस्यों और राज्यसभा के मनोनीत सदस्यों द्वारा किया जाता है।
प्रेस नोट के अनुसार, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव नियम, 1974 के नियम 40 के तहत चुनाव आयोग को निर्वाचक मंडल की अद्यतन सूची, सदस्यों के नवीनतम पते के साथ तैयार करनी होती है। यह प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। चुनाव आयोग ने बताया कि यह सूची अधिसूचना की तिथि से आयोग के कार्यालय में स्थापित काउंटर से खरीदी जा सकेगी, जिसकी घोषणा जल्द की जाएगी।
अगला उपराष्ट्रपति कौन? चर्चाओं में ये नाम
धनखड़ के इस्तीफे के बाद अब यह सवाल गर्म है कि उनका उत्तराधिकारी कौन होगा। चर्चा में जिन नामों की सबसे ज्यादा चर्चा है, उनमें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह शामिल हैं। गौरतलब है कि हरिवंश फिलहाल संसद के मानसून सत्र में राज्यसभा की कार्यवाही की देखरेख कर रहे हैं और उनकी भूमिका इस संक्रमणकाल में अहम मानी जा रही है।












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