गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए लोगों को पैदल ही कई किलोमीटर चलना पड़ा
नई दिल्ली। पिछले कुछ दिनों से जिस तरह से लगातार भारी बाारिश हो रही है उसकी वजह से लोगों का जनजीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया है। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में बारिश की वजह से सड़क पूरी तरह से खराब हो गई है है ,जिसके चलते यहां एक गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने में लोगों को काफी मुश्किल का सामना करना पड़ा। यहां धारचुला में एक गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए लोगों को उसे कंधे पर उठाकर 11 किलोमीटर चलना पड़ा।

11 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा
दरअसल उत्तराखंड में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जिसकी वजह से कई सड़के टूट गई हैं, लेकिन यहां जब एक गर्भवती महिला के पेट में दर्द शुरू हुआ तो उसे लोगों ने स्ट्रेचर पर उठाकर पैदल 11 किलोमीटर का सफर तय करके अस्पताल पहुंचाया है। इस दौरान तकरीबन 6-7 लोग महिला को कंधे पर उठाकर अस्पताल ले गए। यही नहीं बारिश से बचने के लिए महिला हाथ में छाता लेकर स्ट्रेचर पर लेटी है, जिसे लोग लकड़ी के पटरे से बने पुल के जरिए पथरीली जगहों से होकर ले जाते हैं।

हाथ से बनी गाड़ी में लेकर जाना पड़ा
इसी तरह का एक और मामला असम में भी सामने आया है, यहां गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए लोग उसे लकड़ी की गाड़ी में बैठाकर, खींचते हुए पैदल ही निकल पड़े। यहां भी खराब सड़क की वजह से लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। यह मामला असम के लखीमपुर स्थित जुगीबाड़ी गांव का है, जहां खराब सड़क और स्वास्थ्य सेवाओं की किल्लत की वजह से लोगों को मजबूरन महिला को हाथ से बनी गाड़ी में बैठाकर ले जाना पड़ा।
3 नदी पार करानी पड़ी
यहां की बदहाल स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए लोगों को तीन नदियां पार करनी पड़ी और 9 किलोमीटर का सफर तय करके सरकारी अस्पताल पहुंचाना पड़ा। महिला को हाथ से बनी गाड़ी में बैठाकर लोग पैदल ही खींचते हुए लेकर जाते दिखे। उत्तराखंड और असम की इन दो तस्वीरों ने भारत की मौजूदा स्वास्थ्य सेवा की स्थिति की पोल खोल दी है। ।












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