प्रशांत किशोर बोले- 'मैं नीतीश कुमार के लिए काम नहीं करूंगा, भले ही वो मेरे लिए CM की कुर्सी खाली कर दें'
प्रशांत किशोर बोले- 'मैं नीतीश कुमार के लिए काम नहीं करूंगा, भले ही वो मेरे लिए CM की कुर्सी खाली कर दें'
पटना, 06 अक्टूबर: चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर ने कहा है कि वह अब कभी भी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए काम नहीं करेंगे। प्रशांत किशोर ने कहा, ''मैं अब नीतीश कुमार के लिए काम नहीं करूंगा, भले ही नीतीश कुमार मेरे लिए सीएम की कुर्सी खाली कर दें।'' प्रशांत किशोर ने कहा कि उन्होंने लोगों से वादा किया है और वह इसे बदलने वाले नहीं हैं। प्रशांत किशोर ने यह भी कहा कि उनके बीच पिछली बैठक में नीतीश कुमार के बिहार में एनडीए गठबंधन से बाहर निकलने और राज्य में महागठबंधन के मुख्यमंत्री बनने के बाद, उन्हें जेडीयू में शामिल होने का ऑफर दिया गया था।
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'भले ही नीतीश कुमार मुझे अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी बना दें...'
प्रशांत किशोर ने कहा,'' मैंने सीएम (नीतीश कुमार) से स्पष्ट रूप से कहा कि मैं उनके साथ काम नहीं करूंगा, भले ही वह (नीतीश कुमार) मुझे अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी बना दें या ... मेरे लिए सीएम की कुर्सी खाली कर दें। मैंने कहा नहीं, मैं साथ नहीं आने वाला हूं। मैंने जनता से वादा किया है। इसे बदला नहीं जा सकता।''

'10-15 दिन पहले नीतीश कुमार ने मुझे घर बुलाया था...'
प्रशांत किशोर ने अपनी 3,500 किलोमीटर लंबी जन सूरा यात्रा के दौरान पश्चिम चंपारण जिले के जमुनिया गांव में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा ये बातें कहीं। प्रशांत किशोर ने यात्रा के दौरान अपने संबोधन में लगातार नीतीश कुमार का जिक्र किया। प्रशांत किशोर ने मंगलवार को कहा, "आप सभी को मीडिया में आई खबरों से पता चला होगा कि करीब 10-15 दिन पहले नीतीश कुमार ने मुझे अपने आवास (घर) पर बुलाया था। उन्होंने मुझे अपनी पार्टी का नेतृत्व करने के लिए कहा। मैंने कहा कि यह संभव नहीं है।"

'वह मुझसे दिल्ली में मिले, और मदद के लिए भीख मांगते...'
प्रशांत किशोर ने कहा, "2014 (लोकसभा) चुनाव हारने के बाद, वह (नीतीश कुमार) मुझसे दिल्ली में मिले, मदद के लिए भीख मांगते हुए। मैंने 2015 के विधानसभा चुनावों में 'महागठबंधन' के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में उन्हें जीतने में उनकी मदद की। आज फिर से उनके पास पेशकश करने की हिम्मत है ज्ञान दे रहे हैं।' बता दें कि प्रशांत किशोर 2018 में जेडीयू में शामिल हुए और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बने, लेकिन बाद में नागरिकता संशोधन अधिनियम को लेकर नीतीश कुमार से असहमति के बाद उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया।

प्रशांत किशोर के फंडिंग के सोर्स पर नीतीश कुमार ने उठाए थे सवाल
बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने हाल ही में प्रशांत किशोर पर भाजपा की ओर से काम करने का आरोप लगाया था क्योंकि जेडीयू ने उनकी यात्रा के पीछे प्रशांत किशोर की फंडिंग के सोर्स पर सवाल उठाया था। प्रशांत किशोर ने इन आरोपों का खंडन किया था। उन्होंने कहा था कि उनकी फंडिंग जानने के इच्छुक लोगों को यह भी पता होना चाहिए कि वह कभी भी दलाली में नहीं शामिल हुए हैं।
प्रशांत किशोर ने कहा, ''राजनेता लंबे समय से मुझसे चुनाव जीतने के लिए सलाह मांग रहे हैं। एक राजनीतिक रणनीतिकार के रूप में मेरे ट्रैक रिकॉर्ड के लिए मीडिया ने प्रशंसा की है। लेकिन इससे पहले मैंने कभी किसी से मुझे पैसे उधार देने के लिए नहीं कहा था।''












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