प्रणब मुखर्जी की बेटी का दावा, मेरे पिता पीएम बनना चाहते थे, लेकिन सोनिया गांधी को था इस बात का डर
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने अपने पिता को लेकर एक किताब लिखी है जिसमे उन्होंने कई दिलचस्प जानकारियों को साझा किया है जोकि प्रणब मुखर्जी से जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि मेरे पिता के बारे में लिखना काफी मुश्किल था, जब वह गुजर गए तो मैंने उनके बारे में किताब में विस्तार से लिखा है।
मेरे पिता 50 वर्ष से अधिक समय तक राजनीति में रहे, ऐसे में उनके विषय में जब मैं लिखूंगी तो उसको लेकर विवाद होगा, उमे कोई बड़ी बात नहीं है। राजनीति ऐसा विषय ही है जिसमे विवाद होता है। एक दिन राहुल गांधी मेरे पिता से मिलने के लिए आए, वो उनके साथ टहल रहे थे।

बाद में पता चला कि राहुल गांधी को शाम को आने वाले थे, लेकिन गलती से राहुल गांधी के ऑफिस की ओर से उन्हें शाम की जगह सुबह बता दिया गया। मैंने जब पिता से इसका जिक्र किया तो उन्होंने थोड़ा व्यंग में कहा कि जब राहुल गांधी के ऑफिस को एम और पीएम नहीं पता है तो एक दिन वो कैसे सोचते हैं कि पीएमओ को चलाएंगे।
प्रणब मुखर्जी की डायरी में राहुल गांधी के बारे में बहुत कुछ नहीं है। उनकी जो सोच है उसे मैंने बताया है। मेरे पिता कहते थे कि राहुल गांधी बहुत सारे सवाल करते हैं, उन्हें यह अच्छा लगता था कि राहुल गांधी जानना चाहते हैं।
लेकिन उन्हें यह भी लगा कि राहुल गांधी एक सवाल से दूसरा सवाल बहुत जल्दी पूछते थे, एक विषय से दूसरे विषय पर बहुत जल्दी जाते थे। मेरे पिता ने इस बारे में लिखा है कि मुझे यह नहीं समझ आता था कि वह कितना समझ पा रहे हैं।
मेरे पिता ने राहुल गांधी को सलाह दी थी कि आपको कैबिनेट में आना चाहिए, आपको यह पता चलेगा कि प्रशासन कैसे चलाया जाता है। इतने साल तक मेरे पिता कई विभीगों में काम किया है, मेरे पिता ने इतने सारे नेताओं के साथ काम किया है, उनका अनुभव कैसा रहा है, यह मैंने इस किताब में लिखा है।
मेरे पिता प्रधानमंत्री बनना चाहते थे, लेकिन उन्हें यह भी पता था कि वह प्रधानमंत्री बन नहीं सकते हैं, ऐसे में वह इसको लेकर किसी भी तरह के भ्रम में नहीं थे। एक बार मैंने खुलकर उनसे पूछा था कि आप प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं। उन्होंने कहा था कि हां बिल्कुल, कोई भी सीरियस राजनेता प्रधानमंत्री बनना चाहता है।
लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि मैं बनूंगा। उनका कहना था कि सोनिया गांधी जी को शायद यह लगता है कि वह एक दिन उनकी अथॉरिटी को चैलेंज करेंगे। मैंने पूछा क्या आप चैलेंज करते तो उन्होंने कहा कि चैलेंज करता या नहीं सवाल यह नहीं है बल्कि सोनिया गांधी को ऐसा लगा यह सवाल है।
हर कोई चाहता है कि अपने और अपने परिवार के हितों को सुरक्षित करें और सोनिया गांधी को जो सही लगा उन्होंने किया, उन्होंने ऐसे व्यक्ति को पीएम बनाया जो सोनिया गांधी की अथॉरिटी को चुनौती नहीं देगा।












Click it and Unblock the Notifications