मोदी की रैली के लिए काटे गए पेड़, बवाल मचने पर बचाव में उतरे जावड़ेकर
नई दिल्ली। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी रैली के लिए काटे गए पेड़ों को लेकर बचाव किया है। उन्होंने कहा कि यह पहले भी किया जा चुका है। 'इतना बवाल क्यों'? इसके साथ ही उन्होंने कहा कि, उन पेड़ों की जगह उससे ज्यादा पेड़ लगाए गए हैं। इसको लेकर विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा है। बताया जा रहा है कि, काटे गए पेड़ कॉलेज के अंदर मौजूद थे।

प्रकाश जावड़ेकर का यह बयान ऐसे वक्त आया है जब विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि 17 अक्टूबर को होने वाली मोदी की रैली के लिए पुणे शहर के सर परशुराम कॉलेज के परिसर में कुछ पेड़ों को काटा गया है। पीएम मोदी इसी कॉलेज के मैदान में एक चुनावी रैली को संबोधित करने वाले हैं। जावड़ेकर ने बचाव करते हए कहा कि, मोदी की रैली के लिए पेड़ों को काटे जाने पर इतना बवाल क्यों? पूर्व में भी प्रधानमंत्रियों और अन्य नेताओं की रैलियों के लिए पेड़ काटे जा चुके हैं। मुझे हैरत है कि पहले इस प्रकार की कोई जागरुकता क्यों नहीं थी।
जावड़ेकर ने कहा, हर बार जब हम पेड़ काटते हैं, तो हम पहले से ज्यादा पौधे लगाते भी हैं। यह वन विभाग का नियम है। वही जब उनसे महाराष्ट्र में किसानों की आत्महत्या के मुद्दे पर सवाले पूछे गए तो उन्होंने कहा, 'हमें यह मुद्दा पूर्ववर्ती (कांग्रेस-एनसीपी) सरकार से मिला है। केन्द्रीय मंत्री ने कहा, 'किसान आत्महत्या की घटनाएं केवल पांच जिलों में हो रही हैं क्योंकि वहां सिंचाई की कोई व्यवस्था नहीं है।
इसके बाद जब पत्रकारों ने उनसे पीएमसी बैंक घोटाले को लेकर सवाल किए तो उन्होंने कहा कि, एनसीपी पर भी निशाना साधा और पंजाब महाराष्ट्र को ऑपरेटिव (पीएमसी) बैंक संकट के लिए उसे जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, पीएमसी बैंक संकट राकांपा की वजह से पैदा हुआ है। यहीं नहीं उन्होंने हिंदू विचारक विनायक दामोदर सावरकर को भारत रत्न दिए जाने की भाजपा की मांग का भी स्वागत किया।












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