फेक न्यूज फैलाने के आरोप में 'पोस्टकार्ड' का एडिटर गिरफ्तार, बचाव में आई BJP
बेंगलुरु। कर्नाटक के बेंगलुरू में पुलिस ने पोस्टकार्ड के एडिटर महेश हेगड़े को गिरफ्तार किया है। महेश विक्रम हेगड़े पर फेक खबर से दो समुदाय के लोगों के बीच नफरत फैलाने का आरोप है। एडिटर की गिरफ़्तारी के बाद भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने सोशल मीडिया पर उनकी रिहाई के लिए #ReleaseMaheshHegde हैशटैग से अभियान शुरू कर दिया है। महेश हेगड़े को ट्विटर पर पीएम नरेंद्र मोदी को फॉलो करते हैं। ट्विटर पर उनका स्टेटस है, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फॉलो करने से मैं धन्य हुआ।' केंद्रीय राज्यमंत्री अनंत कुमार हेगड़े और कर्नाटक भाजपा नेता सी टी रवि ने ट्वीट कर कर्नाटक सरकार पर तानाशाह की तरह बर्ताव करने का आरोप लगाया है।

पोस्टकार्ड डॉट कॉम के महेश विक्रम हेगड़े ने वेबसाइट पर एक फेक न्यूज चलाई थी जिसमें लिखा था कि बेंगलुरु में एक जैन मुनि पर कुछ मुस्लिम युवकों ने हमला कर दिया है। उसने घायल जैन मुनि की फोटो ट्वीट करते हुए लिखा था कि सिद्धारमैया सरकार में कोई सुरक्षित नहीं है। जब इस मामले की पड़ताल की गई तो पता चला कि वहीं खबर में जिस जैन मुनि का जिक्र किया गया है असल में वह कनकपुरा में एक एक्सीडेंट में घायल हुए हैं।
भिक्षु मयंक सागर गोमतेश्वर के महामात्काभिषेक के लिए हसन जिले के श्रवणबेलागोला जा रहे थे। तभी उनकी कनकपुरा में एक्सीडेंट हो गया था। बेंगलुरू पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर सतीश कुमार ने बीबीसी को बताया, 'जब मुनि का इलाज चल रहा था तो उनके अनुयायियों ने तस्वीर ले ली। अभियुक्त ने इस तस्वीर का इस्तेमाल करते हुए कहा कि मुनि पर एक मुसलमान ने हमला किया है।' उसे postcard.news में भी लगाया। इस खबर की हैडलाइन रखी गई थी 'जैन मुनि पर मुसलमानों ने हमला किया।'
हेगड़े के खिलाफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट की धारा 66ए, आईपीसी की धारा 153ए, 120 और 34 के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आईपीसी की धारा 153ए के तहत धार्मिक समूहों के बीच नफरत भड़काने, धारा 295ए के तहत जानबूझकर किसी की भावनाएं आहत करने और धारा 120बी के तहत क्रिमिनल कॉस्पिरेसी का मामला दर्ज किया जाता है।












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