Poshan Pakhwada 2025: क्या है पोषण पखवाड़ा? क्यों खास हैं शिशु के 1000 दिन? 4 स्टेप में जानें कैसे पाए लाभ

Poshan Pakhwada 2025: भारत में टेक्नोलॉजी कितनी भी आगे बढ़ जाए, लेकिन अगर बच्चे भूखे पेट स्कूल जाएं और माएं खुद पोषण की कमी से जूझ रही हों, तो कोई भी तरक्की अधूरी है। इसी सोच के साथ शुरू हुआ था साल 2018 में 'पोषण अभियान', और इसका एक बेहद असरदार हिस्सा है 'पोषण पखवाड़ा'।

हर साल मनाया जाने वाला ये पखवाड़ा एक तरह से पोषण से जुड़ी जागरूकता का बड़ा अभियान है। इस बार 8 से 23 अप्रैल 2025 तक चलने वाले इस कार्यक्रम का फोकस है - बच्चों और माओं को बेहतर पोषण देना, टेक्नोलॉजी के जरिए जुड़ाव बढ़ाना, और मोटापे जैसी नई चुनौतियों से निपटना।

Poshan Pakhwada 2025

क्यों अहम है 1000 दिन?

अब बात करते हैं उन 1000 दिनों की, जिनकी चर्चा हर जगह हो रही है। ये वो वक्त होता है, जब बच्चा मां के गर्भ में होता है और जन्म के बाद के पहले दो साल तक का उसका सफर चलता है। इस दौरान जो पोषण उसे मिलता है, वही उसकी सेहत, दिमागी विकास और इम्यूनिटी की नींव रखता है। यानी अगर ये 1000 दिन मजबूत हैं, तो बच्चा पूरी जिंदगी हेल्दी रह सकता है।

Poshan Tracker ऐप से बच्चों की ग्रोथ की लाइव ट्रैकिंग

सरकार ने इस बार खास जोर दिया है, तकनीक और परंपरा को मिलाने पर। अब आंगनबाड़ी में भारी रजिस्टर नहीं भरने पड़ते, बल्कि Poshan Tracker ऐप से बच्चों की ग्रोथ, खाना और स्वास्थ्य सब कुछ लाइव ट्रैक हो सकता है। इस एप्लिकेशन से देश के हर आंगनवाड़ी केंद्र को जोड़ा जा चुका है और अब तो लाभार्थी खुद भी इसमें रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।

पोषण पखवाड़ा 2025 में एक और बड़ा फोकस है - सीएमएएम प्रोटोकॉल। इसका पूरा नाम है Community-based Management of Acute Malnutrition। इस सिस्टम के तहत आंगनवाड़ी वर्कर गंभीर कुपोषण वाले बच्चों की पहचान करती हैं, उन्हें इलाज के लिए रेफर करती हैं और उनके रिकवरी को ट्रैक भी करती हैं। अब हर आंगनबाड़ी एक पोषण क्लिनिक की तरह काम करने लगी है।

लेकिन सिर्फ कुपोषण नहीं, आजकल तो बच्चों में मोटापा भी एक नई टेंशन बन चुका है। 5 साल से छोटे बच्चों में भी वजन बढ़ने की समस्या बढ़ रही है। इसकी एक बड़ी वजह है - जंक फूड और कम शारीरिक एक्टिविटी। इसी को देखते हुए स्कूल कैंटीन में HFSS फूड्स (High Fat, Sugar, Salt) पर रोक लगाने और हेल्दी स्नैक्स को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाए गए हैं।

Poshan Pakhwada 2025

अब जरा जान लेते हैं, कैसे कर सकते हैं पोषण ट्रैकर ऐप पर खुद का रजिस्ट्रेशन

सबसे पहले मोबाइल नंबर डालकर OTP से लॉगइन करें। फिर अपने और अपने बच्चे का बेसिक डिटेल भरें, फोटो अपलोड करें और नज़दीकी आंगनवाड़ी केंद्र चुनें। इसके बाद फॉर्म सबमिट करें। आखिरी स्टेप में, आंगनवाड़ी वर्कर आपके आवेदन को मोबाइल ऐप के जरिए अप्रूव करेंगी।

पोषण पखवाड़ा एक मौका है, बदलाव का हिस्सा बनने का। अगर आप एक पेरेंट हैं, टीचर हैं या बस समाज में कुछ अच्छा करना चाहते हैं, तो इस अभियान से जुड़ सकते हैं। हो सकता है आपकी एक सलाह, एक शेयर या एक हेल्दी आदत किसी बच्चे की ज़िंदगी संवार दे। क्योंकि जब हर बच्चा पोषित होगा, तभी तो देश मजबूत बनेगा।

कैसे करें रजिस्ट्रेश?

  • स्टेप- 1 : मोबाइल ओटीपी के जरिए लॉगइन करें
  • स्टेप- 2 - विवरण भरें, फोटो अपलोड करें और आंगनवाड़ी केंद्र का चयन करें।
  • स्टेप - 3 - फॉर्म जमा करें
  • स्टेप - 4 - आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मोबाइल ऐप के माध्यम से अनुरोध को मंजूरी देंगी

बचपन में मोटापे के कारण समस्याएं हो सकती हैं...

  • टाइप 2 मधुमेह
  • उच्च रक्तचाप
  • मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों
  • हार्मोनल असंतुलन
पोषण पखवाड़ा कब मनाया जा रहा है?

पोषण पखवाड़ा 2025 का आयोजन 8 अप्रैल से 23 अप्रैल तक किया जा रहा है, जिसमें पोषण से जुड़ी जागरूकता और सुधार के लिए कई गतिविधियां होंगी।

पोषण ट्रैकर ऐप से क्या फायदा होता है?

इस ऐप से आंगनबाड़ी वर्कर बच्चों की ग्रोथ, पोषण और स्वास्थ्य की निगरानी कर सकते हैं, और लाभार्थी खुद भी रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।

शिशु के पहले 1000 दिन क्यों ज़रूरी होते हैं?

पहले 1000 दिन यानी गर्भावस्था के 9 महीने और जन्म के बाद के दो साल, बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास की नींव रखते हैं। सही पोषण इस समय में बच्चे को लंबी अवधि तक हेल्दी बनाता है।

बचपन के मोटापे से कैसे निपटा जा रहा है?

स्कूलों में जंक फूड पर रोक लगाई गई है, हेल्दी फूड्स को बढ़ावा दिया जा रहा है और बच्चों को शारीरिक गतिविधियों में शामिल करना अनिवार्य किया गया है।

CMAM प्रोटोकॉल क्या है और इसका क्या काम है?

CMAM यानी Community-based Management of Acute Malnutrition, एक तरीका है जिससे गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों की पहचान, इलाज और निगरानी की जाती है।

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