ओबामा को दिया था गार्ड ऑफ ऑनर अब परमानेंट कमीशन की लड़ाई
नई दिल्ली। आपको विंग कमांडर पूजा ठाकुर याद हैं। अगर नहीं तो हम आपको याद दिलाते हैं। इंडियन एयरफोर्स में विंग कमांडर पूजा ठाकुर वहीं महिला ऑफिसर जिन्होंने 25 जनवरी 2015 को अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को गार्ड ऑफ ऑनर देकर एक नया इतिहास रचा था। विंग कमांडर पूजा पहली महिला अधिकारी बनीं थीं जिन्हें यह गौरव हासिल हुआ था। लेकिन अब पूजा इंडियन एयरफोर्स से अपने हक की लड़ाई लड़ रही हैं।

एयरफोर्स ने पूजा को कहा 'नो'
दरअसल इंडियन एयरफोर्स ने पूजा को परमानेंट यानी स्थायी कमीशन देने से इंकार कर दिया है। इसके बाद अब पूजा ने ऑर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल कोर्ट (एएफटीसी) का दरवाजा खटखटाया है।
ट्रिब्यूनल ने पूजा की अपील मान ली है और उनकी अपील पर सुनवाई का मन बना लिया है। ट्रिब्यूनल ने चार हफ्तों के अंदर एयरफोर्स से जवाब मांगा है। पूजा के वकील सुधांशु पांडेय ने गुरुवार को यह जानकारी मीडिया को दी।
एयरफोर्स का फैसला भेदभाव वाला
पूजा ने अपनी अपील में इंडियन एयरफोर्स के उन्हें स्थायी कमीशन न देने फैसले को पक्षपातपूर्ण, भेदभावपूर्ण और बेतुका बताया है। एयरफोर्स का यह कदम हर किसी को चौंका गया है क्योंकि पिछले दिनों ही इंडियन एयरफोर्स ने पहले कॉम्बेट बैच के तहत तीन महिला फाइटर पायलट्स को कमीशन दिया है।
आपको बता दें कि जिन लोगों को सेनाओं में परमानेंट कमीशन नहीं मिलता उन्हें एक निश्चित अवधि के रिटायरमेंट के बाद पेंशन नहीं मिलती है।
कौन हैं पूजा ठाकुर
- विंग कमांडर पूजा पहली महिला अधिकारी हैं जिन्होंने इंटर सर्विस गार्ड ऑफ ऑनर का नेतृत्व किया था।
- इसका निरीक्षण राष्ट्रपति भवन में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपनी भारत यात्रा के दौरान किया था।
- पूजा ने वर्ष2000 में एयरफोर्स को शॉर्ट सर्विस कमीशन के तहत ज्वाइन किया था।
- पूजा को एडमिनिस्ट्रेटिव ब्रांच में तैनात किया गया।
- पूजा के पिता भी इंडियन आर्मी के रिटायर्ड कर्नल हैं।












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