हिमंत बिस्वा की रैली में हुए हंगामे पर राजनीति शुरू, बीजेपी बोली- हमारी लोकप्रियता देख TRS हुई असहिष्णु
नई दिल्ली, 9 सितंबर: दक्षिण भारत के अहम राज्य तेलंगाना में अगले साल विधानसभा के चुनाव हैं। ऐसे में बीजेपी ने वहां पर अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसी कड़ी में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा तेलंगाना के दौरे पर पहुंचे थे। शुक्रवार को उन्होंने हैदराबाद में एक रैली को संबोधित किया, लेकिन वहां पर उनकी सुरक्षा में बड़ी चूक हुई और टीआरएस का एक नेता उनके मंच पर पहुंच गया। उसने सरमा से माइक छीनने की कोशिश की। इस घटना पर अब राजनीति शुरू हो गई है। साथ ही बीजेपी ने तेलंगाना सरकार पर सवाल उठाए हैं।

मामले में तेलंगाना बीजेपी के प्रवक्ता एनवी सुभाष ने कहा कि एक टीआरएस कार्यकर्ता ने माइक पकड़ लिया, इसलिए सीएम हिमंत बिस्वा सरमा सभा को संबोधित नहीं कर पाए। इससे पता चलता है कि बीजेपी की लोकप्रियता राज्य में बढ़ती जा रही, जिसे टीआरएस बर्दाश्त नहीं कर पा रही। ऐसे में वो असहिष्णु हो गई है। वहीं असम विधानसभा के उपाध्यक्ष नुमाल मोमिन ने कहा कि ये घटना तेलंगाना सरकार की पूर्ण विफलता है। मैं इसकी निष्पक्ष जांच की मांग करता हूं। तेलंगाना के सीएम केसीआर को इस घटना के लिए असम के लोगों से माफी मांगनी चाहिए।
पीछे से चढ़ा था शख्स
दरअसल जनसभा में हिमंत बिस्वा सरमा बीजेपी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के लिए मंच पर मौजूद थे, तभी वहां अचानक से एक शख्स पीछे से मंच पर चढ़ गया और उसने मंच पर लगे माइक को तोड़ने की कोशिश की। हालांकि वक्त रहते सुरक्षाकर्मियों और नेताओं ने उसे पकड़ लिया। जिस पर शख्स ने सरमा के खिलाफ नारेबाजी की। आरोपी की पहचान नंदु के रूप में हुई है, जो सत्ताधारी पार्टी टीआरएस से जुड़ा हुआ है।
तेलंगाना सीएम पर साधा निशाना
वहीं मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने हैदराबाद में तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केसीआर बीजेपी मुक्त भारत की बात बोलते हैं। उनके और हमारे बीच में अंतर है। वह बीजेपी को खत्म करना चाहते हैं। हम भारतीय राजनीतिक व्यवस्था से पारिवारिक राजनीति को खत्म करना चाहते हैं।












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