कांग्रेस भी अपनाएगी मोदी का फॉर्मूला, 70 की उम्र वाले नेता होंगे OUT
नयी दिल्ली। कांग्रेस पार्टी लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद से अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है। पार्टी में बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। पार्टी में बदलाव के तहत अब अनुभव के बजाए युवा जोश पर जोर दिया जा रहा है। कांग्रेस में भी अब बीजेपी जैसा मॉडल लागू करने की मांग उठने लगी है। कांग्रेस नेता जनार्दन द्विवेदी ने कहा है कि नेताओं को 70 साल की उम्र के बाद सक्रिय पदों पर नहीं रहना चाहिए।

जिस तरह से भारतीय जनता पार्टी ने 70 से ऊपर के अपने नेताओं को न तो सरकार में जगह दी है और पार्टी के संसदीय बोर्ड से भी । उसी तरह से अब कांग्रेस भी उम्रदराज नेताओं को जिम्मेदारी सौंपना नहीं चाहती है। इसके पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह नीति काम कर रही है कि 70 साल के कम उम्र के लोगों को ही सक्रिय पदों पर रखा जाए। जनार्दन द्विवेदी ने भी ऐसी ही बात उठाई है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक संगठन में भी एक आयु के बाद सक्रिय पदों पर लोगों को नहीं रहना चाहिए। सक्रिय पद यानी ऐसे पद जिनमें ज्यादा भागदौड़ की जरूरत होती है, ज्यादा काम करना होता है।
जनार्धन द्विवेदी ने कहा कि नौकरियों में भी रिटायरमेंट की एक उम्र निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि सीनियर सिटिजन की अवधारणा भी इसी बात पर आधारित है, जिसका पालन राजनीति में भी होना चाहिए। कांग्रेसी नेता के इस बयान के बाद कांग्रेस में भी उम्र सीमा को लेकर विवाद शुरु हो गया है। उम्मीद की जा रही है कांग्रेस में उम्रदराज नेताओं की छुट्टी हो सकती है।












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