फर्जी डीसीपी बनकर तीन साल में 300 लोगों से वसूले पैसे
नई दिल्ली। फर्जीवाड़े की एक नई फिल्मी कहानी सामने आई है। आपने अक्सर फिल्मों में देखा होगा कि फर्जी पुलिस बनकर आदमी लोगों के साथ ठगी करता है और उनके साथ अवैध वसूली करता है। लेकिन अब दिल्ली में ऐसा मामला सामने आया है, जहां फर्जी डीसीपी बनकर तीन साल तक आरोपी लोगों को चूना लगाता रहा और वसूली करता रहा, लेकिन पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। जानकारी के अनुसार यह आरोपी पहले डीटीसी में बस ड्राइवर था।

पुलिस ने धर दबोचा
आरोपी ने खुद को डीसीपी बताकर और पुलिस की वर्दी पहनकर लोगों में खूब रौब गांठीष वह ट्रक और ऑटो वालों से उगाही करता था। लेकिन जब शुक्रवार की सुबह वह धौला कुआं से एक टाटा-407 के ड्राइवर से पैसा वसूल रहा था, तभी कैंट थाना के पुलिस ने उसे पकड़ लिया। जिला पुलिस के अनुसार सुनील त्यागी नाम का व्यक्ति फर्जी आईपीएस अधिकारी बनकर लोगों से उगाही करता था। वह मूल रूप से हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला है।
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ड्राइवर की नकौरी से संतुष्ट नहीं था
आरोपी सुनील त्यागी दिल्ली के उत्तरम नगर में अकेले रहता है और वह डीटीसी में ठेके पर ड्राइवर है। यही नहीं पूछताछ में उसने बताया कि वह सिर्फ 12वीं तक पढ़ा है, लेकिन ड्राइवर की नौकरी से वह संतुष्ट नहीं था, जिसकी वजह से उसने अधिक पैसा कमाने की योजना बनाई। इस दौरान उसे इस बात का विचार आया कि फर्जी डीसीपी बनकर वह लोगों से उगाही कर सकता है। जिसके बाद उसने एक फर्जी डीसीपी का आईडी कार्ड भी बनवा लिया।
300 लोगों के साथ ठगी
यही नहीं आरोपी ने अपनी कार की नंबर प्लेट पर स्टार भी लगा लिया था, जोकि डीआईजी या उससे उपर के वरिष्ठ अधिकारी अपनी गाड़ी पर लगाने के लिए अधिकृत होते हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी ने पिछले तीन साल में 300 से ज्यादा लोगों के साथ ठगी की है और उनसे पैसे की वसूली की है।
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