नीरव मोदी-मेहुल चोकसी के खिलाफ 7 देशों में जारी LRs- ईडी सूत्र

Written By:
Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    नई दिल्ली। पंजाब नेशनल बैंक में 14000 करोड़ रुपए से अधिक का घोटाला सामने आने के बाद नीरव मोदी की धरपकड़ के लिए केंद्र सरकार लगातार कोशिशों में जुटी है। ईडी सूत्रों के अनुसार सात देशों को लेटर रोगेटरी (एलआरएस) भेजा गया है। यह लेटर नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के खिलाफ भेजा गया है। ईडी ने यह लेटर उन देशों को भेजा है जहां नीरव मोदी और मेहुल चौकसी का बिजनेस है या फिर उनकी प्रॉपर्टी है।

    nirav mehul

    गौरतलब है कि नीरव मोदी और मेहुल चोकसी पंजाब नेशनल बैंक का घोटाला सामने आने के बाद फरार चल रहे हैं। सीबीआई और ईडी ने दोनों के तमाम ठिकानों पर छापेमारी की और उनकी संपत्ति को सीज कर दिया है। हाल ही में नीरव मोदी ने ईडी को पत्र लिखकर कहा था कि उनका पासपोर्ट सीज कर दिया गया है, ऐसे में वह कैसे आ सकते हैं। उन्होंने कहा था कि मेरे पक्ष को जाने बगैर ही मेरे खिलाफ कार्रवाई की गई। वहीं मेहुल चोकसी ने भी पासपोर्ट रद्द होने का हवाला देते हुए भारत आने में असमर्थता जाहिर की थी।

    गौरतलब है कि पीएनबी घोटाले से सबक देते हुए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने लेटर ऑफ एंडरटेकिंग और लेटर ऑफ कंफर्ट पर फौरन रोक लगा दी है। आरबीआई ने बैंकों की ओर से जारी होने वाले LoU और LoC पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। अपने सर्कुलर में आरबीआई ने कहा है कि बैंक अब लेटर ऑफ एंडरटेकिंग और लेटर ऑफ कंफर्ट जारी नहीं करेंगे। आरबीआई ने बैंकों के ट्रेड क्रेडिट को रिव्यू करने के बाद LoU और LoC और बैंक गारंटी के गाइडलाइंस में संशोधन किया है।

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    PNB Scam Letter Rogatory has been issued to 7 countries against Nirav Modi and Mehul Choksi. ED source says LRs has been issued to more countries.

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more