भाषण देने के दौरान रोने का कोई मतलब नहीं, पीएम मोदी जनता के आंसू पोंछे: उद्धव ठाकरे
विमुद्रीकरण को लेकर विपक्ष के लोग तो पीएम नरेंद्र मोदी को घेर रहे हैं। साथ ही उनके साथ गठबंधन में शामिल लोग भी पीएम मोदी को लगातार घेरना शुरु कर चुके हैं।
नई दिल्ली। विमुद्रीकरण को लेकर विपक्ष के लोग तो पीएम नरेंद्र मोदी को घेर रहे हैं। साथ ही उनके साथ गठबंधन में शामिल लोग भी पीएम मोदी को लगातार घेरना शुरु कर चुके हैं।

शिवसेना के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उन लोगों को विश्वास में लेना होगा जिन्होंने उनको वोट दिया है।
उद्धव ने यहीं पर पीएम मोदी को नहीं छोड़ा और उनपर तंज कसते हुए कहा कि भाषण देने के दौरान पीएम मोदी के रोने को कोई मतलब नहीं है। पीएम मोदी को जनता के आंसू पोछने का काम करना चाहिए।
उद्धव ने आगे पूछा कि अगर विमुद्रीकरण के फैसले को लागू करने की नियत अच्छी थी तो देश भर में इतनी बदइंतजामी क्यों फैली हुई है। उन्होंने कहा कि कालेधन की तरह इसके पीछे भी कोई काला उद्देश्य तो नहीं है।
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के गुरुवार को राज्यसभा में दिए गए भाषण का जिक्र करते हुए ठाकरे ने कहा कि मनमोहन सिंह प्रख्यात अर्थशास्त्री हैं, उनकी बातों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गंभीरता से लेना चाहिए।
विमुद्रीकरण पर पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने भी घेरा
आपको बताते चलें कि आज राज्यसभा में नोटबंदी पर चर्चा के दौरान पीएम मोदी भी मौजूद रहे। उनकी मौजूदगी में पूर्व प्रधानमंत्री और राज्यसभा सांसद मनमोहन सिंह ने कहा बिना मैनेजमेंट के नोटबंदी के फैसले को पूरे देश में लागू कर दिया है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के फैसले को लागू करने के बाद पूरे देश की जीडीपी में 2 फीसदी की गिरावट हुई है।
मनमोहन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि वो 50 दिन का समय लोगों से मांग रहे हैं। पर ये 50 दिन देश के गरीबों के लिए बहुत हानिकारक हो सकते हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरी दुनिया में उस देश का नाम बताएं, जहां लोग अपना पैसा तो जमा बैंकों में जमा कर देते हैं पर उस पैसे को ही नहीं निकाल पा रहे।
मनमोहन सिंह ने कहा कि बैंकिग सिस्टम में लोगों का विश्वास कमजोर हुआ है। विमुद्रीकरण के फैसले को लागू करने के बाद 60-65 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। मनमोहन सिंह ने कहा कि नोटबंदी से लोगों को बेहद परेशानी, इसपर ध्यान देने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि इस देश में ग्रामीण इलाकों में सबसे ज्यादा कोऑपरेटिव बैंक है जो लोगों की मदद करते हैं। पर विमुद्रीकरण के बाद ये बैंक काम ही नहीं कर रहे हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उन लोगों पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग कह रहे हैं कि लंबे समय में इसका फायदा होगा। उन्होंने कहा कि कोट करते हुए कहा कि लंबे समय में हम सब मर चुके होंगे।












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