मोदी के हिंदी प्रेम से करुणानिधि को हुई तकलीफ

सरकार और मोदी द्वारा हिंदी की अनिवार्यता को लेकर करुणानिधि ने एक बयान जारी कर कहा कि मोदी को विकास पर फोकस करना चाहिए ना कि हिंदी के विस्तार पर। करुणानिधि ने गृहमंत्रायल के उस आदेश की भी आलोचना की है जिसमें सोशल मीडिया पर आधिकारिक संवाद हिंदी में करने को कहा गया हैं।
पीएम मोदी के हिंदी प्रेम से नाराज करुणानिधि ने कहा है कि केन्द्र सरकार लोगों पर हिंदी को थोप रही है। उन्होंने एक बयान जारी कर कहा है कि मोदी को विकास के मसलों पर फोकस करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसे गैर हिंदी भाषियों को दोयम दर्जे के नागरिक समझने की कोशिश के तौर पर देखा जाएगा। करुणानिधि ने यह भी कहा कि मोदी के सभी शुभचिंतक चाहते हैं कि वो आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए काम करें। इतिहास भाषा की लड़ाई और हिंदी विरोधी आंदोलन का गवाह है।












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