भूमि अधिग्रहण बिल पर विपक्षियों पर जमकर बरसे मोदी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के किसानों से रेडियों के जरिए मन की बात कर रहे हैं। पीएम ऐसे वक्त किसानों से बात क रहे हैं जब बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। वहीं भूमि अधिगृहण बिल पर भी सरकार हर तरफ से घिरी हुई है।

प्रधानमंत्री की मन की बात के मुख्य अंश-
- हमने किसानों की खेती की पैदावार बढ़ाने के लिए मिट्टी का स्वास्थ्य कार्ड की शुरुआत की है। इससे किसानों को काफी लाभ होगा।
- मैं अभी भी कहता हूं कि अगर कोई सुझाव है तो मैं उसे इस भूमि अधिगृहण कानून में जोड़ने के लिए तैयार हूं। कुछ किसान नेताओं ने संसद में मुझे सुझाव दिए इस कानून में जोड़ने को मैंने उसे इस कानून में जोड़ा है।
- इस औद्योगिक गलियारे के जरिए किसानों को हम बेहतर जीवन देना चाहता हैं।
- औद्योगिकर गलियारा बनाने से वहां बसे किसानों को नौकरी मिलेगी, किसानों को दिल्ली और मुंबई की झुग्गियों में अपना जीवन खराब करने के लिए किसानों को नहीं जाना पड़ेगा।
- मैं आपको बताना चाहता हूं सरकार औद्योगिक कोरिडोर बनाती है निजी घराना नहीं बनाती है।
- नहरों को बनाने के लिए, सड़को को बनाने के लिए हमें किसानों से जमीन लेनी होगी, इसलिए किसानों से इसकी सहमति नहीं ली जाएगी। ये सिर्फ और सिर्फ किसानों के लिए और गरीबों के लिए किया जाएगा, निजी घरानों के लिए नहीं किया जाएगा।
- रोड़ बनाने के लिए अगर निजी कंपनी काम करेगी तो वह किसानों के काम आयेगी, और सड़क पर मालिकाना हक सरकार पर होता है। सिर्फ उन्ही कामों के लिए किसानों की सहमति नहीं ली जाएगी। क्योंकि ये काम आप के लिए, देश की जनता के लिए हो रही है।
- निजी कामों के लिए अगर कॉर्पोरेट्स जमीन का अधिग्रहण करेगी तो उसे किसानों की सहमति लेनी होगी।
- पिछली सरकार ने जो कानून बनाया था वही आज भी है हमारी सरकार ने पिछले कानून से इस मामले में कोई छेड़छाड़ नहीं की है।
- किसानों में एक भ्रम फैलाया जा रहा है कि किसानों से जमीन लेते वक्त उनकी सहमति नहीं ली जाएगी।
- हमने ये सुनिश्चित किया है कि जिस काम के लिए जमीन अधिग्रहित की जा रही है उस विभाग या कंपनी को यह बताना होगा कि कितने समय में काम पूरा होगा अगर उसके बाद भी काम नहीं पूरा हुआ तो जो किसाना चाहेगा वही होगा।
- अगर जमीन लेने के बाद 5 साल में काम नहीं शुरु हुआ तो किसान को जमीन वापस नहीं दी जाएगी, यह एक झूठ है जो लोगों में फैलाया जा रहा है।
- अगर आप अपनी जमीन नहीं देना चाहते तो आप कोर्ट नहीं जा सकते ये झूठ फैलाया जा रहा है। लेकिन हमारी सरकार किसी भी इंसान से कानून का अधिकार छीन नहीं सकती है।
- अगर गांव में खेत के लिए सिंचाई की व्यवस्था नहीं है और गरीब किसानों को घर चाहिए तो हम उसे बनाने के लिए जमीन लेंगे। ये कॉर्पोरेट्स के लिए नहीं गरीब किसानों के लिए किया जाएगा।
- यह कानून राज्यों पर थोपा नहीं जाएगा, कोई भी राज्य अगर चाहे तो इस कानून को लागू नहीं करने के लिए स्वतंत्र है।
- उपजाऊ जमीन को सबसे बाद में अधिग्रण किया जाएगा अगर जरूरत हुई तो।
- हमने अपने कानून में यह भी सुनिश्चित किया है कि पहले सरकारी जमीन को पहले इस्तेमाल किया जाएगा।
- हमने यह भी इस कानून में सुनिश्चित किया है कि किसान के परिवार को नौकरी का भी प्राविधान किया है, इसके साथ ही किसानों को यह भी बताया जाएगा कि उन्हें कौन सी नौकरी दी जाएगी कहां दी जाएगी।
- शहरी विकास के लिए जो जमीन अधिग्रहित की जाएगी उस विकसित जमीन में किसान को 20 फीसदी जमीन किसान को दी जाएगी।
- हमारी सरकार ने इन सभी 13 क्षेत्रों में अगर जमीन ली जाएगी तो किसानों को 4गुना कीमत दी जाएगी।
- पिछली सरकार के कानून में रेलवे, खदान जैसे 13 क्षेत्रों को अलग रखा था जिसके लिए सबसे अधिक जमीन अधिग्रहित की जाती है
- भूमि अधिग्रहण बिल में हमारा प्रयास है कि किसानों की हर समस्या का समाधान किया जाए
- भूमि अधिग्रहण बिल में किसानों के विरोध की बातें थी, पिछली सरकार ने किसानों के मुआवजे को आधा किया था।
- भूमि अधिग्रहण बिल पर आपने सवाल पूछे हैं मैं आपके सारे भ्रम को आज दूर करुंगा और जिस झूठ को लोगों में फैलाया जा रहा उसे मैं आज आपके बीच दूर करने का प्रयास करुंगा।
- किसानों के हर सुझाव को सरकार में लाने का प्रयास करुंगा।
- किसान दबंगों और माफियाओं की समस्या भी झेल रहे हैं, किसानों ने जो पत्र में अपनी शिकायत की है उसपर मैं ध्यान दुंगा।
- किसानों के पत्र में जिन शिकायतों का जिक्र किया गया है उससे मैं शर्मिंदा हूं।
- किसानों की हर समस्या के लिए अधिकारियों को जगाउंगा, दौडाउंगा और सबसे काम करवाउंगा ये मेरा आश्वासन है किसानों से।
- सरकार बारिश से हुई हुए नुकासन के लिए हर संभव किसान को मदद करेगी।
- सरकार पूरी संवेदना के साथ किसानों को मदद करेगी।












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