PM नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी के बाद पहले इंटरव्यू में मनमोहन सिंह पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री ने कहा कि नोटबंदी के बाद कालाधन रखने वालों की मुश्किल सबसे ज्यादा बढ़ी है। जिन लोगों ने कालाधन दबाए रखा उनका पैसा खुफिया एजेंसियों की वजह से सामने आ गया है।
नई दिल्ली। नोटबंदी के बाद अपने पहले इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फैसले को लेकर हो रही आलोचना को सिरे से खारिज कर दिया और देश की अर्थव्यवस्था में इसे सकारात्मक असर पर बात की। 'इंडिया टुडे' मैगजीन को दिए गए इंटरव्यू में प्रधानमंत्री ने सरकार की भविष्य की योजनाओं और विपक्ष के विरोध पर भी बातचीत की। पीएम मोदी ने कालेधन से लेकर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कामकाज तक पर सवाल उठाए।

मनमोहन सिंह की नीतियों से बढ़े घोटाले
प्रधानमंत्री ने कहा कि नोटबंदी के बाद कालाधन रखने वालों की मुश्किल सबसे ज्यादा बढ़ी है। जिन लोगों ने कालाधन दबाए रखा उनका पैसा खुफिया एजेंसियों की वजह से सामने आ गया है। उन्होंने ऐसे मामलों की कवरेज में मीडिया की सराहना भी की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नीति और रणनीति के बीच यही फर्क है। हमने अपनी रणनीति को अलग रखा और कालाधन रखने वालों पर कार्रवाई की। उनके लिए 'तू डाल-डाल, मैं पात-पात' की कहावत सच हुई। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कामकाज पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को करीब 45 साल से परखने वाले शख्स के कार्यकाल में सबसे ज्यादा अव्यवस्था फैली। मोदी ने कहा, 'संगठित लूट के लिए उनकी योजनाओं ने काम किया। उनके नेतृत्व में कोयला घोटाला, टूजी घोटाला और कॉमनवेल्थ जैसे बड़े घोटाले हुए। नोटबंदी भ्रष्ट लोगों और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए उठाया गया कदम है।'
'कांग्रेस ने संसद में किया हंगामा'
पीएम मोदी ने संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान चले हंगामे पर कहा कि सरकार ने संसद को चलाने की भरपूर कोशिश की लेकिन विपक्ष खासकर कांग्रेस ने कार्रवाई को बाधित किया। उन्होंने कहा, 'मैंने दोनों सदनों में कार्रवाई में हिस्सा लेने और बोलने की कोशिश की लेकिन कांग्रेस ने बहस करने के बजाय बाधा डाली। ऐसा पहली बार है कि देश में बेइमानों को बचाने के लिए इस तरह खुलेआम प्रदर्शन हो रहे हैं।' प्रधानमंत्री ने कहा कि जो पैसा अब तक तिजोरियों में छुपाकर रखा गया था वह अब बैंकों में जमा हो रहा है। काला धन रखने वाले दूसरों के नाम पर अपने पैसे बैंक में जमा करा सकते हैं लेकिन वे यहां भी पकड़े जाएंगे। लुकाछिपी के इस खेल में उनके पास कुछ ही दिन हैं। सरकार अपने तरीके से काम कर रही है और जल्द ही इसका भी समाधान खोज निकालेगी।
'राजनीति से नहीं है लेना-देना'
नोटबंदी पर हो रही आलोचना पर प्रधानमंत्री ने कहा, 'मेरे विरोधी और आलोचक चाहे जो कहते हों लेकिन इस फैसले से मेरा कोई व्यक्तिगत फायदा नहीं है। जो कुछ है सब देश की भलाई के लिए है। जो पैसा आतंकियों, नक्सलियों और दूसरे उग्रवादियों के पास था वह भी उजागर हो रहा है। इस फैसले का असर अपराधों के ग्राफ में भी देखने को मिला है। मानव तस्करी और ड्रग्स के धंधों पर लगाम लगी है। मुझे कभी-कभी अपने विपक्षियों खासकर कांग्रेस पर दया आती है। वे जो कर रहे हैं वह साफ तौर पर गलत है।' उन्होंने कहा कि नोटबंदी का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। अर्थव्यवस्था और समाज को कालेधन से मुक्त करने के लिए यह फैसला लेना जरूरी था। नोटबंदी का असर लंबे समय तक दिखेगा।












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