परिवारवादी राजनीति से लेकर स्पेस सेक्टर तक, 'मन की बात' में PM मोदी ने क्या-क्या कहा? जानें 10 बड़ी बातें?
PM Modi Mann Ki Baat Highlights: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज (25 अगस्त) अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 113वें एपिसोड को संबोधित किया। 113वें एपिसोड को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने परिवारवादी राजनीति से लेकर स्पेस सेक्टर के रिफॉर्म तक पर बातें कीं।
पीएम मोदी ने कहा कि, परिवारवादी राजनीति प्रतिभाओं का दमन करती हैं। ये हमारे देश के लोकतंत्र के लिए खतरा है। पीएम मोदी ने कहा कि युवाओं को स्पेस सेक्टर रिफॉर्म से फायदा मिल रहा है। पहली बार देश ने इस 23 अगस्त को पहला राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस (National Space Day) मनाया। आइए जानें पीएम नरेंद्र मोदी ने मन की बात में क्या-क्या कहा?

Mann Ki Baat 113th episode Highlights: पीएम मोदी की 'मन की बात' की अहम बातें
🔴 1. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ''21वीं सदी के भारत में, कितना ही कुछ ऐसा हो रहा है, जो विकसित भारत की नींव मजबूत कर रहा है। जैसे, इस 23 अगस्त को ही हम सब देशवासियों ने पहला नेशनल स्पेस डे मनाया। पिछले साल इसी दिन चंद्रयान-3 ने चांद के दक्षिणी हिस्से में शिव-शक्ति प्वाइंट पर सफलतापूर्वक लैंडिंग की थी। भारत इस गौरवपूर्ण उपलब्धि को हासिल करने वाला दुनिया का पहला देश बना।''
🔴 2. पीएम मोदी ने कहा, ''इस साल मैंने लाल किले से बिना पॉलिटिकल बैकग्राउंड वाले एक लाख युवाओं को पॉलिटिकल सिस्टम से जोड़ने का आह्वाहन किया है। मेरी इस बात पर जबरदस्त प्रतिक्रिया हुई है। इससे पता चलता है कि कितनी बड़ी संख्या में हमारे युवा, राजनीति में आने को तैयार बैठे हैं। बस उन्हें सही मौके और सही मार्गदर्शन की तलाश है।''
🔴 3.पीएम मोदी ने कहा, ''हर घर तिरंगा और पूरा देश तिरंगा' इस बार ये अभियान अपनी पूरी ऊंचाई पर रहा। देश के कोने-कोने से इस अभियान से जुड़ी अद्भुत तस्वीरें सामने आई हैं। हमने घरों पर तिरंगा लहराते देखा, स्कूल-कॉलेज में तिरंगा देखा। लोगों ने अपनी दुकानों, दफ्तरों में तिरंगा लगाया, लोगों ने अपने डेस्कटॉप-मोबाइल और गाड़ियों में भी तिरंगा लगाया। इस अभियान ने पूरे देश को एक सूत्र में बांध दिया है और यही तो 'एक भारत- श्रेष्ठ भारत' है।''
🔴 4. पीएम मोदी ने कहा, ''असम में तिनसुकिया जिले के छोटे से गांव बारेकुरी में, मोरान समुदाय के लोग रहते हैं और इसी गांव में रहते हैं 'हूलॉक गिबन', जिन्हें यहां 'होलो बंदर' कहा जाता है। हूलॉक गिबन्स ने इस गांव में ही अपना बसेरा बना लिया है। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि इस गांव के लोगों का हूलॉक गिबन के साथ बहुत गहरा संबंध है। गांव के लोग आज भी अपने पारंपरिक मूल्यों का पालन करते हैं। इसलिए उन्होंने वो सारे काम किए, जिससे गिबन्स के साथ उनके रिश्ते और मजबूत हों।''
🔴 5. पीएम मोदी ने कहा, ''हमारे देश में कई सारी स्टार्ट-अप टीम भी पर्यावरण को बढ़ावा देने के लिए ऐसे प्रयासों से जुड़ रही है। Econscious नाम की एक टीम है, जो, प्लास्टिक वेस्ट का उपयोग इको-फ्रेंडली प्रोडक्ट बनाने में कर रही है।''
🔴 6. रक्षा बंधन पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ''हमने 19 अगस्त को रक्षाबंधन का पर्व मनाया। उसी दिन पूरी दुनिया में 'विश्व संस्कृत दिवस' भी मनाया गया। आज भी देश-विदेश में संस्कृत के प्रति लोगों का विशेष लगाव दिखता है। दुनिया के कई देशों में संस्कृत भाषा को लेकर तरह-तरह की रिसर्च और प्रयोग हो रहे हैं।''
🔴 7. पीएम मोदी ने कहा, ''पशुओं के प्रति प्रेम में हमारे अरुणाचल प्रदेश के युवा साथी भी किसी से पीछे नहीं हैं। अरुणाचल में हमारे कुछ युवा-साथियों ने 3-D प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी का उपयोग करना शुरू किया है? जानते हैं क्यों? क्योंकि वो, वन्य जीवों को सींगों और दांतों के लिए शिकार होने से बचाना चाहते हैं। नाबम बापू और लिखा नाना के नेतृत्व में ये टीम जानवरों के अलग-अलग हिस्सों की 3-D प्रिंटिंग करती है।''
🔴 8. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ''मध्य-प्रदेश के झाबुआ में कुछ ऐसा शानदार हो रहा है, जिसे आपको जरूर जानना चाहिए। वहां पर हमारे सफाई-कर्मी भाई-बहनों ने कमाल कर दिया है। इन भाई-बहनों ने हमें 'वेस्ट टू वेल्थ' का संदेश सच्चाई में बदलकर दिखाया है। इस टीम ने झाबुआ के एक पार्क में कचरे से अद्भुत आर्ट वर्क तैयार किया है।''
🔴 9. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ''बच्चों का पोषण देश की प्राथमिकता है। वैसे तो उनके पोषण पर पूरे साल हमारा ध्यान रहता है, लेकिन एक महीना देश इस पर विशेष फोकस करता है। इसके लिए हर साल 1 सितम्बर से 30 सितम्बर के बीच पोषण माह मनाया जाता है।''
🔴 10. पीएम मोदी ने कहा, ''पोषण को लेकर लोगों को जागरूक बनाने के लिए पोषण मेला, एनीमिया शिविर, नवजात शिशुओं के घर जाना, सेमिनार, वेबिनार जैसे कई तरीके अपनाए जाते हैं। कितनी ही जगहों पर आंगनवाड़ी के तहत मां और बच्चों के लिए अलग से कमेटी की स्थापना भी की गई है। पिछले वर्ष पोषण अभियान को नई शिक्षा नीति से भी जोड़ा गया है। 'पोषण भी पढ़ाई भी' इस अभियान के द्वारा बच्चों के संतुलित विकास पर फोकस किया गया है। आपको भी अपने क्षेत्र में पोषण के प्रति जागरूकता वाले अभियान से जरूर जुड़ना चाहिए।''












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