'भारत ने जो कहा है वह करके दिखाया', PM मोदी COP-28 समिट में भाग लेने के लिए दुबई रवाना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्ल्ड क्लाइमेट एक्शन समिट (विश्व जलवायु कार्रवाई शिखर सम्मेलन) 'COP-28' में भाग लेने के लिए गुरुवार शाम दुबई रवाना हो गए। इस दौरान पीएम ने कहा कि जब जलवायु कार्रवाई की बात आती है, तो भारत ने जी 20 की अध्यक्षता के दौरान इस मुद्दे को दिए गए महत्व पर प्रकाश डाला है। भारत ने जो कहा है वह करके दिखाया है।
उन्होंने आगे कहा कि जी 20 की अध्यक्षता के दौरान, जलवायु हमारी प्राथमिकता में सबसे ऊपर थी। नई दिल्ली के नेताओं की घोषणा में जलवायु कार्रवाई और सतत विकास पर कई ठोस कदम शामिल हैं। मैं इन मुद्दों पर COP-28 में आम सहमति को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हूं।

दरअसल, संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति और अबू धाबी के शासक शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के निमंत्रण पर पीएम मोदी दुबई रवाना हुए हैं। पीएम मोदी 30 नवंबर से एक दिसंबर तक दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। अपने इस दौरे में प्रधानमंत्री तीन अन्य हाई लेवल कार्यक्रम में भी भाग लेंगे। अपने बयान में, पीएम मोदी ने कहा कि COP 28 पेरिस समझौते के तहत हुई प्रगति की समीक्षा करने और क्लाइमेट ऐक्शन पर भविष्य के लिए एक रास्ता तैयार करने का अवसर प्रदान करेगा।
क्या है ये वर्ल्ड क्लाइमेट एक्शन समिट?
वर्ल्ड क्लाइमेट एक्शन समिट, असल में क्लाइमेट चेंज पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन (UNFCCC) के पक्षों के 28वें सम्मेलन (COP-28) का हाई लेवल सेगमेंट है। इस सेगमेंट में ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने और क्लाइमेट चेंज से प्रभावी ढंग से निपटने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए कई विश्व नेता वर्ल्ड क्लाइमेट एक्शन समिट में भाग लेने के लिए तैयार हैं।
क्लाइमेट चेंज के गंभीर मुद्दे पर होगी चर्चा
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी COP 28 वर्ल्ड क्लाइमेट एक्शन समिट में भाग लेने के लिए दुबई की यात्रा पर हैं। क्लाइमेट चेंज के गंभीर मुद्दे पर ग्लोबल लीडर्स के साथ जुड़ने और क्लाइमेट एम्स को पूरा करने में भारत की प्रगति और क्लाइमेट एक्शन पर आगे की योजनाओं को प्रदर्शित करने का अवसर है।












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