क्रिप्टोकरेंसी पर PM मोदी की अध्यक्षता में बैठक, मनी लांड्रिंग और टेरर फंडिंग को लेकर जताई गई चिंता
नई दिल्ली, 13 नवम्बर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शनिवार को क्रिप्टोकरेंसी और इससे जुड़े मुद्दों पर एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। समाचार एजेंसी एएनआई ने सरकारी सूत्रों के हवाले से ये जानकारी दी है। सूत्र के मुताबिक इस बैठक में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर व्यापक रूप से चर्चा हुई जिसमें इस मुद्दे को भी संज्ञान लिया गया कि युवा निवेशकों को वादे से अधिक और गुमराह करने वाले विज्ञापनों को कैसे रोका जाए।

एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक बैठक में क्रिप्टो बाजार के अनियंत्रित होने का मुद्दा भी उठा और इस बारे में सहमति बनी कि इसे मनी लॉण्ड्रिंग और टेरर फाइनेंसिंग का जरिया नहीं बनने दिया जा सकता।
बैठक को लेकर आरबीआई, वित्त मंत्रालय, गृह मंत्रालय ने विस्तृत अध्ययन किया था और इसे लेकर देश और दुनिया के विशेषज्ञों से परामर्श किया था।
बैठक के बारे में जानकारी रखने वाले सूत्र के मुताबिक सरकार इस तथ्य से अवगत है कि क्रिप्टोकरेंसी एक विकसित तकनीक है इसलिए सरकार कड़ी नजर रखेगी और सक्रिय कदम उठाएगी।
बैठक के दौरान इस बात पर भी सहमति बनी कि सरकार द्वारा क्रिप्टोकरेंसी और संबंधित मुद्दों के क्षेत्र में उठाए गए कदम प्रगतिशील और दूरंदेशी होंगे। चूंकि क्रिप्टोकरेंसी का बाजार पूरी दुनिया में फैला हुआ है और डिजिटल करेंसी होने के चलते यह अलग-अलग देशों से जुड़ा हुआ है। ऐसे में बैठक के दौरान इसके लिए वैश्विक भागीदारी और सामूहिक रणनीति की आवश्यता महसूस की गई और इस पर चर्चा हुई।
भारत में तेजी से बढ़ा क्रिप्टो बाजार
भारत में क्रिप्टोकरेंसी बाजार कोरोना काल के बाद से बहुत तेजी से बढ़ा है। पिछले दो वर्षों में इसमें रिकॉर्ड बढ़त देखी गई है। खास बात यह है भारत में क्रिप्टोकरेंसी बाजार दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों की तुलना में छोटे शहरों में तेजी से फैल रहा है। क्रिप्टो एक्सचेंजों के आंकड़ों पर नजर डालें तो इन एक्सचेंजों में बड़े शहरों के मुकाबले छोटे शहरों से अधिक यूजर जुड़े हैं।
क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज वजीरएक्स के अनुसार भारत में अधिकांश यूजर्स 35 वर्ष से कम उम्र के हैं। एक्सचेंज के मुताबिक 2021 में सितम्बर तक 73 लाख यूजर्स ने अपना पंजीकरण किया था जिनका कुल ट्रेडिंग वॉल्यूम 21.8 अरब डॉलर से अधिक था।
कर्नाटक में आया था बिटकॉइन घोटाला
क्रिप्टोकरेंसी बाजार जहां तेजी से बढ़ने के साथ निवेशकों को मुनाफा दे रहा है वहीं इसका अनियंत्रित होना चिंता का कारण बना हुआ है। हाल ही में कर्नाटक में बिटकॉइन घोटाले ने इन चिंताओं को तेज कर दिया है। कर्नाटक के बिटकॉइन घोटाले को लेकर राजनीति भी गरम है। इसी बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री बोम्मई ने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से भी मुलाकात की थी।












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