2022 में हर भारतवासी के पास अपना घर होगा- पीएम
मथुरा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मथुरा में एनडीए सरकार के एक साल पूरे होने के अवसर विशाल रैली को संबोधित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने इस मौके पर कहा कि जो लोग देश को पिछले साठ सालों से लूट रहे थे उनके अच्छे दिनों की जिम्मेदारी मेरी नहीं है। उन्होंने कहा कि देश का बुरा करने वालों के और बुरे दिन आयेंगे।

प्रधानमंत्री के भाषण के मुख्य अंश
- हम देश ऐसे चलायेंगे कि बुरा करने वालों के और बुरे दिन आयेंगे।
- मै ऐसी फौज तैयार कर रहा हूं जो गरीबी के खिलाफ लड़ सके।
- 2022 में हर भारतवासी के पास अपना घर होग
- हमारी भारत माता मैली नहीं हो सकती, हमारी यमुना और गंगा मां को साफ करने का मेरा बीड़ा है दोनों मेरी मां है।
- वर्ल्ड बैंक के अनुसार गरीब परिवार को गंदगी के चलते 60 हजार का बोझ स्वास्थ्य के लिए खर्च करना पड़ता है।
- मां बहनों को इज्जत देने का बीड़ा हमने उठाया है, हर गांव में टॉयलेट के लिए हमने संकल्प लिया है।
- दस हजार रुपए से लेकर दस लाख रुपए तक का लोग हर किसी को लोन मिलना चाहिए, वह व्यक्ति चाहे जिस भी क्षेत्र से जुड़ा हो।
- हमने मुद्रा बैंक का गठन करके सामान्य लोगों को लोन देने का फैसला किया है और यह खुद काम कर कमाने वालों की मदद के लिए हमने शुरु किया है।
- कुछ लोगों की कल्पना है कि बड़े-बड़े उद्योगपति ज्यादा रोजगार देती है लेकिन यह गलत है।
- देश में सब्जी का ठेला, दूध बेचने वालों को मिलाकर ऐसे छह करोड़ लोग रोजगार देते हैं।
- पिछले एक साल में पहले की तुलना में 6 लाख पर्यटकों की संख्या बढ़ी है।
- स्किल डेवेलपमेंट के जरिए हमने युवाओं को मजबूद किया है।
- देश को आगे बढ़ाने के लिए नौजवान को रोजगार मिलना चाहिए।
- 60 साल के किसानों को हमने किसानों को पेंशन देने की योजना शुरु की।
- किसान को कभी अटल पेंशन योजना के चलते कभी बुढ़ापे में लोगों के सामने हाथ फैलाने की जरूरत नहीं होगी।
- हम हर गरीब की जीवन बदलना चाहते हैं।
- आने वाले समय में हम 1300 कानूनों को खत्म करेंगे।
- आज 12 रुपए में कफन भी नहीं मिलता लेकिन मेरी सरकार ने एक साल में 12 रुपए जमा करने पर 2 लाख रुपए का बीमा दिलाय।
- रिटायर होने के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन कार्यालय जाकर अपने जिंदा होने का सबूत देना पड़ता था। इस नियम को हमने तकनीक के माध्यम से खत्म किया।
- 32 लाख लोग ऐसे हैं जिनको 100-200 रुपए से ज्यादा पेंशन नहीं मिलता था लेकिन हमारी सरकार ने इन लोगों को 1000 रुपए की पेंशन देना शुरु कर दिया।
- सरकार के खजाने में 27 हजार करोड़ रुपए सड़ रहा था जिसे हमारी सरकार ने गरीबों के लिए उपयोग करने का फिर से प्रयास शुरु किया।
- पहले के जमाने में हमारे देश के सामान्य नागरिक पर शक किया जाता था। हमने लोगों को खुद दस्तावेजों को अटेस्ट करने का अधिकार दिया।
- पिछले 30 सालों में जितना बिजली का उत्पादन नहीं हुआ उतना हमने एक साल के भीतर किया है।
- देश के किसानों की फसल के स्वास्थ्य का खयाल रखने का बीड़ा मैंने उठाया है।
- सिंचाई को बेहतर बनाने के लिए किसानों को पानी पहुंचायेंगे, बिजली देंगे।
- गैस सब्सिडी की लूट को रोकने का काम हमने किया है।
- जिन्होंने देश को लूटा है उनके लिए अच्छे दिन लाना मेरी जिम्मेदारी नहीं है।
- देश की संपत्ति आपकी संपत्ति है और उसे ल ूटने नहीं दिया जाएगा
- कुछ लोग परेशान इसलिए हैं क्योंकि उनके बुरे दिन आये हैं।
- हमारी सरकार ने कोयले के आवंटन के लिए सही प्रक्रिया को अपनाया और सिर्फ 30 खदानों के आवंटन से तीन लाख करोड़ का खजाना सरकार के खजाने में जमा कराया है।
- ये परिवर्तन देश की जनता लायी है और बुरे दिन चले गये।
- मैंने वायदा किया था कि प्रधानमंत्री नहीं प्रधानसेवक बनकर देश की सेवा करुंगा।
- आजतक कभी कोई भ्रष्टाचार या भाई-भतीजेवाद का मामला सामने नहीं आया है।
- अगर देश के लोगों ने यह सरकार ना चुनी होती तो देश का हाल नहीं बदलता और ना ही परिवर्तना आया होता।
- जब यूपीए की सरकार की थी तो देश के बुरे दिन थे।
- यह सरकार गरीबों के लिए और गरीबों के कल्याण के लिए हैं।
- मैं सवा सौ करोड़ के देशवासियों को अपने काम का हिसाब देने मथुरा के इस गांव में आया हूं।
- पंडित दीनदयाल हमें शक्ति दें कि मैं अपने इरादों में सफल हो देश के लोगों की सेवा कर सकूं।
- मैं पंडित दीनदयाल जी के दर्शन करने से वंचित रह गया।
- जब देश ने पंडित दीनदयाल को खोया था तो मेरे हृदय को इस खबर ने आंदोलित कर दिया था।












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