'देश में कुछ बदल नहीं सकता' की सोच बदल गई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
गुवाहाटी। भारत के विकास की दास्तां उस वक्त और तेजी पकड़ेगी जब पूर्वोत्तर में रहने वाले लोगों का विकास एक संतुलित मायने में होगा। यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एडवांटेज असम ग्लोबल इन्वेसटर्स समिट 2018 गुवाहाटी में कही। पीएम मोदी ने हाल ही में सरकार की ओर से आयुष्मान भारत योजना का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने बजट में आयुष्मान भारत योजना का ऐलान किया है। यह अपने आप में विश्व की सबसे बड़ी योजना है। कोई जिसने गरीबी में जीवन यापन किया है और आगे बढ़ गया है उसे हमेशा यह बात महसूस होती है कि गरीब की सबसे बड़ी चिंता रोगों का इलाज होती है । इस योजना के तहत, हर गरीब परिवार को चिह्नित अस्पतालों में साल में 5 लाख रुपए तक मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाएगी। इस योजना से करीब-करीब देश के 45 से 50 करोड़ लोगों को फायदा होगा।

सूक्ष्म और लघु उद्योग हमारी प्राथमिकता में
उन्होंने कहा कि भारत में सूक्ष्म और लघु उद्योग हमारी प्राथमिकता में है। इस साल के बजट में हमने MSME को बड़ी राहत देते 250 करोड़ रुपए का टर्नओवर वाली कंपनियों को 25 फीसदी कर के छूट का ऐलान किया है। मोदी ने कहा कि सरकार की ऐसी योजनाएं गरीबों को सशक्त कर रही हैं। लेकिन उन्हें सबसे ज्यादा नुकसान अगर किसी चीज से होता है, तो वो है भ्रष्टाचार, कालाधन। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के बजट में सरकार ने मुद्रा योजना के द्वारा लोगों को स्वरोजगार के लिए 3 लाख करोड़ रुपए कर्ज देने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा स्टैंड अप इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया, स्किल इंडिया मिशन के माध्यम से भी युवाओं को सशक्त करने का काम ये सरकार कर रही है।

लगभग एक करोड़ घर बनाए गए
पीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पिछले तीन वर्ष में इस सरकार में लगभग एक करोड़ घर बनाए गए हैं। हमने अभी बजट में ऐलान किया है कि इस वर्ष के साथ-साथ अगले वर्ष भी 51 लाख नए घर बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने affordable Housing के क्षेत्र में भी ऐसे-ऐसे नीतिगत निर्णय लिए हैं, सुधार किए हैं, जो देश के हर गरीब को घर देने के सरकार के लक्ष्य को पूरा करने में मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्ष में केंद्र सरकार की तरफ से और पिछले डेढ़ वर्ष में, असम सरकार की तरफ से किए गए प्रयासों का परिणाम दिखाई देने लगा है। आज जितने व्यापक पैमाने पर ये आयोजन हो रहा है, वो कुछ वर्ष पहले तक कोई सोच भी नहीं सकता था।

'देश में कुछ बदल नहीं सकता' कि सोच बदल गई
पीएम ने कहा कि 'देश में कुछ बदल नहीं सकता' कि सोच बदल गई है। लोगों में हताशा की जगह अब हौसला और आशा है। उन्होंने कहा कि आज अगर देश में दोगुनी रफ्तार से सड़कें बन रही हैं, दोगुनी रफ्तार से रेल लाइन का दोहरीकरण हो रहा है, लगभग दोगुनी रफ्तार से रेल लाइन का बिजलीकरण हो रहा है। उन्होंने कहा कि आसियान देश हों, बांग्लादेश-भूटान-नेपाल हों, हम सभी एक तरह से कृषि प्रधान देश हैं। किसानों की उन्नति, इस पूरे क्षेत्र के विकास को नई ऊँचाई पर पहुंचा सकती है। इसलिए हमारी सरकार देश के किसानों की आय को दोगुना करने के लक्ष्य पर काम कर रही है।

कुछ हफ्तों पहले हमने एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया
पीएम मोदी ने कहा कि कुछ हफ्तों पहले हमने एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया है और आज मैं उत्तर-पूर्व में हूँ तो इस फैसले का जरूर जिक्र करना चाहता हूँ। साथियों, वैज्ञानिक तौर पर बांस, घास की श्रेणी में आता है। लेकिन करीब 90 साल पहले हमारे यहां कानून बनाने वालों ने इसे पेड़ का दर्जा दिया था। उन्होंने कहा इसका नतीजा ये हुआ कि बांस चाहे कहीं भी उगे, उसे काटने के लिए, उसे ट्रांसपोर्ट करने के लिए, परमिट की जरूरत पड़ती थी, मंजूरी चाहिए होती थी।

National Bamboo mission को रीस्ट्रक्चर कर रहे हैं
पीएम ने कहा कि मुझे लगता है, पूरे देश में अगर किसी क्षेत्र के लोगों को सब से ज्यादा नुकसान इस कानून से हुआ तो उत्तर-पूर्व के लोगों का ही नुकसान हुआ। मोदी ने कहा कि अब हम लगभग 1300 करोड़ की लागत राशि से ‘National Bamboo mission' को रीस्ट्रक्चर कर रहे हैं। उत्तर-पूर्व के लोगों को, खासकर यहां के किसानों को बजट के द्वारा एक और फायदा मिलने जा रहा है।












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