'एक में दो' के फॉर्मूले से राजस्थान फतह करने की तैयारी में भाजपा
राजस्थान को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है इसलिए भाजपा ने यहां विशेष रणनीति तैयार की है। इस रणनीति के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजस्थान में हर महीने दो रैलियों को संबोधित करेंगे।
नई दिल्ली। 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले तीन राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में होने वाले विधानसभा चुनावों को सत्ता के सेमीफाइनल के तौर पर देखा जा रहा है। तीनों राज्यों में इस साल के आखिर में नवंबर में चुनाव हो सकते हैं। ऐसे में भाजपा-शासित इन तीनों राज्यों में पार्टी अपनी सत्ता बरकार रखने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। इनमें से राजस्थान को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है इसलिए भाजपा ने यहां विशेष रणनीति तैयार की है। इस रणनीति के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजस्थान में हर महीने दो रैलियों को संबोधित करेंगे।

हर महीने पीएम मोदी की दो रैली
राजस्थान में वर्तमान में भाजपा की सरकार है और उसे कांग्रेस से कड़ी चुनौती मिलती हुई नजर आ रही है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे जहां इस समय 'राजस्थान गौरव यात्रा' पर निकली हुई हैं, तो वहीं हाल ही में पीएम मोदी ने भी जयपुर के 'अमरूद का बाग' में एक रैली को संबोधित किया था। राजस्थान में चुनावी सरगर्मियों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बहुत जल्द यहां चुनावी रैलियों की शुरुआत करेंगे। चुनाव तारीखों के ऐलान से पहले हर महीने पीएम मोदी की दो रैलियां आयोजित की जाएंगी।

अमित शाह देंगे चुनाव प्रचार को धार
इसके अलावा चुनाव प्रचार को धार देने के लिए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी राज्य के हर संभाग में रैली करेंगे। प्रशासनिक तौर पर राजस्थान में सात संभाग हैं। एक संभाग में अमित शाह की कितनी रैलियां होंगी, इसका फैसला वो खुद करेंगे। इससे पहले राजस्थान गौरव यात्रा को अमित शाह ने ही हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। भाजपा से जुड़े सूत्रों का कहना है कि राजस्थान में चूंकि पार्टी की ही सरकार है, इसलिए सत्ता विरोधी लहर को देखते हुए पार्टी नेतृत्व के सामने यहां बड़ी चुनौती है।

राजस्थान में उतारे जाएंगे RSS के दिग्गज
राजस्थान में भाजपा के सामने सबसे कठिन काम अलग-अलग जातियों को साथ लेकर पार्टी के पक्ष में करने का है। अलग-अलग मुद्दों को लेकर कई जातियों में भाजपा के प्रति कई बार नाराजगी देखने को मिल चुकी है। किसानों में भी सरकार की नीतियों को लेकर रोष है। हालांकि, अपनी पसंद का प्रदेश अध्यक्ष बनवाकर, मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पार्टी कार्यकर्ताओं ये संदेश दे चुकी हैं कि राजस्थान में वो ही असली योद्धा हैं। वहीं, केंद्रीय नेतृत्व आरएसएस के कुछ दिग्गज नेताओं को राज्य भाजपा की मदद के लिए राजस्थान में उतारने की योजना बना रहा है।












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